शहर के रोहतक रोड फाटक पर आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) की कमी पिछले लंबे समय से बेहद खल रही है। आलम यह है कि 24 घंटे में फाटक 40 बार बंद होती है और हर बार आठ सौ से एक हजार लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पीडब्ल्यूडी विभाग भी आरओबी के निर्माण को जरूरी बता रहा है। रेलवे और पीडब्ल्यूडी की ज्वाइंट टीम ने साइट का निरीक्षण किया और इसके बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने प्रपोजल प्रदेश सरकार को भेज दिया है। इस समय यह प्रपोजल सरकार के पाले में है। हालांकि तीन बार पहले भी पीडब्ल्यूडी विभाग सरकार को प्रपोजल भेज चुका है लेकिन अब तक इस डिमांड पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। आरओबी पर प्रस्तावित लागत करीब 37 करोड़ आने का अनुमान है। हर बार फाटक बंद होने पर एक एंबुलेंस भी दस से पंद्रह मिनट फंसी रहती है।
शहर के रोहतक रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे व पीडब्ल्यूडी विभाग ने रेलवे फाटक की संयुक्त निरीक्षण की है और इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 37 करोड़ है। गत जुलाई 2017 में विभाग ने हेड ऑफिस इसका एस्टिमेट भेजा था। इस समय फाटक की टीवीयू 3.41 लाख है जबकि आरओबी निर्माण के लिए कम से कम एक लाख टीवीयू होनी चाहिए।
गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में भी इस आरओबी का प्रपोजल तैयार किया गया था लेकिन बाद में यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ गया था। पीडब्ल्यू विभाग ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस आरओबी प्रोजेक्ट का प्रपोजल तैयार कर सरकार को जुलाई 2017 में भेजा था। शहर की रोहतक रेलवे फाटक से से नारनौल, महेंद्रगढ़ , झज्जर, दिल्ली, बहादुरगढ़ व चंडीगढ़ को जाने वाले छोटे व भारी वाहन गुजरते हैं। इस वजह से यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। इस रेलमार्ग के दोहरा हो जाने पर अब ट्रेनों का आवागमन भी और बढ़ जाएगा। इस रेलमार्ग का रेवाड़ी तक दोहरीकरण कर दिया गया है। जल्द ही सवारी व मालगाड़ी दोनो ही प्रकार की ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होनी है, फाटक अक्सर बंद ही रहेगी जिससे जाम की समस्या का गहराना स्वाभाविक है।
दोनों ओर 200 मीटर का बनना है आरओबी
फाटक के दोनो ओर 200-200 मीटर लंबाई में आरओबी बनाए जाने का प्रस्ताव है। आए दिन वाहनों की संख्या में इजाफा हो रहा है। खासकर चार पहिया वाहनों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी हो रही है। अब रेलवे विभाग ने भी इस लाइन का दोहरीकरण भी कर दिया है। इससे ट्रेनों की संख्या भी बढ़ेगी। इस समय बीस सवारी और बीस मालगाड़ी चरखी दादरी रेलवे स्टेशन से गुजरती हैं और कई दफा क्रॉसिंग होने पर फाटक 20 से 25 मिनट तक बंद रहता है और डेढ़ से दो किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। आरओबी निर्माण के प्रोजेक्ट पर 37 करोड़ लागत आने का अनुमान है।
ओवरब्रिज निर्माण के मानक भी हो रहे पूरे, टीवीयू 3.41 लाख
इंस्पेक्शन रिपोर्ट में रेलवे व पीडब्ल्यूडी दोनो ही विभागों के अधिकारी मानते हैं कि इस फाटक की टीवीयू आरओबी बनने की शर्तें पूरी करती हैं। इस फाटक की इस समय टीवीयू 3.41 लाख है जबकि आरओबी बनने के लिए एक लाख टीवीयू का होना ही जरूरी है। टीवीयू के तहत फाटक से गुजरने वाले वाहनों की संख्या के साथ- साथ फाटक से गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या को भी देखा जाता है। अब रेलवे विभाग और पीडब्ल्यूडी विभाग की संयुक्त टीम ने इस फाटक की संयुक्त निरीक्षण का काम पूरा कर लिया है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है ताकि इस प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू हो सके।
रेलवे केवल ट्रैक के हिस्से का कराएगी निर्माण
रेलवे बोर्ड के उच्चाधिकारियों का कहना है इस प्रकार के प्रोजेक्ट के लिए पहले राज्य सरकार को ही प्रपोज करना होता है। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने इस संबंध में सहमति जताते हुए अगली कागज प्रक्रिया पूरी करने के लिए रेलवे को पत्र लिख दिया है। रेलवे अधिकारियों का तर्क है कि आरओबी के दोनो तरफ का निर्माण तो राज्य सरकार को ही करना होता है जबकि रेलवे तो रेलवे ट्रैक की जगह का ही खर्च वहन करती है।
रेलवे व पीडब्ल्यूडी विभाग ने रेलवे फाटक की संयुक्त निरीक्षण का काम पूरा कर दिया है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। सरकार के निर्देश पर अगली कागज प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सुरेंद्र दलाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग