फोटो-66: अपने पति व बेटी के साथ राखी। स्रोत स्वयं
- फोटो : जिला अस्पताल की इमरजेंसी में फुल वार्ड।
बहादुरगढ़। सेक्टर-6 की रहने वाली राखी दलाल ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 65वीं रैंक हासिल की है। राखी ने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की है। पहले चार प्रयास में सिलेबस पूरा न होने से यूपीएससी की प्री परीक्षा भी पास नहीं कर सकी थीं। राखी मूल रूप से गांव मांडौठी की रहने वाली हैं।
इस बार उन्होंने न केवल तैयारी पर ध्यान दिया बल्कि अपना सिलेबस भी सौ फीसदी पूरा किया और रिवीजन पर भी ध्यान देते हुए परीक्षा दी। राखी बताती हैं कि उन्हें इस बार पूरा विश्वास था कि परीक्षा में अव्वल रैंक से सफलता मिलेगी।
राखी की शादी चंडीगढ़ निवासी लविश चौधरी से वर्ष 2019 में हुई थी जो एसबीआई में बैंक मैनेजर हैं। राखी भी एसबीआई में पीओ के पद पर नियुक्त हुई थीं लेकिन उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए यह नौकरी वर्ष 2020 में छोड़ दी थी।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई आईआईटी रुड़की से बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक कर पूरी की है। इसके बाद पंजाब विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। सिविल सेवा परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस रहा।
राखी दलाल ने वर्ष 2015 में भारतीय स्टेट बैंक में पीओ के रूप में नौकरी शुरू की थी। बैंकिंग क्षेत्र में कार्य करते हुए वर्ष 2019 में उनका विवाह चंडीगढ़ निवासी लविश चौधरी के साथ हुआ। लविश चौधरी भी बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
तैयारी के दौरान उन्हें पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई को संतुलित करना पड़ा। वर्ष 2021 में बेटी प्रीशा का जन्म हुआ। इसके बावजूद तैयारी जारी रखी। पति लविश, सास हरभजन कौर और ससुर परमिंदर जीत ने पूरा सहयोग किया। राखी लाइब्रेरी में पढ़ाई करती थीं और सास-ससुर बेटी की देखभाल करते थे।
पिता इतिहास विषय के व्याख्याता रहे
राखी के पिता यशवंत दलाल हरियाणा सरकार में इतिहास विषय के व्याख्याता रहे हैं और अब सेवानिवृत्त हैं। माता नीलम देवी एमसीपीएस घासीपुरा (गर्ल्स) में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। पिता ने बताया कि राखी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा में भी टॉप किया था। इसके बाद आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। लगातार मेहनत और परिवार के सहयोग के बल पर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 65वीं रैंक हासिल की है।