नागरिक अस्पताल में मंदिर के विस्तार को लेकर निर्माण कार्य से जुड़े लोगों और अस्पताल प्रबंधन के बीच ठन गई। कार्यदिवस की बजाय पीछे से बिना किसी अनुमति से काम होता देखकर अब प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों के साथ पुलिस को इस मामले से अवगत कराया है। साथ में अवकाश के दिन में यहां पर निगरानी रखने के लिए भी स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट कर दिया है।
अस्पताल में पुराने भवन के साथ खुले परिसर में एक पेड़ के साथ छोटा सा मंदिर कई सालों से बना हुआ है। यहां पर आसपास रहने वाले लोग पूजा-अर्चना करने के लिए आते-रहते हैं, लेकिन अब पिछले कुछ समय से कुछ कॉलोनी के लोगों ने मिलकर चंदा एकत्रित करते हुए इस छोटे से मंदिर को भव्य बनाने के लिए उसके विस्तार का काम शुरू किया था, लेकिन काम शुरू होते ही यहां पर अस्पताल प्रबंधन ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए काम को बीच में ही रुकवा दिया था।
प्रबंधन का तर्क है कि बिना किसी अनुमति के सरकारी जमीन पर कोई निर्माण नहीं कर सकते। ऐसे में पीछे से काम किया जाना अनुचित है, लेकिन लोगों ने अपनी श्रद्धा को देखते हुए प्रबंधन के इस कड़े रुख पर ध्यान नहीं दिया और जब-जब अस्पताल में अवकाश रहा है, उसी दिन पीछे से मंदिर के निर्माण को लेकर विस्तार किया जाता रहता है।
पिछले चार दिन पहले जब दो दिन का लगातार अवकाश रहा और यहां ओपीडी सेवाएं बंद रहीं तो फिर से इसके विस्तार को गति दी गई, लेकिन जैसे ही ओपीडी खुली और प्रबंधन का ध्यान मंदिर की चारदीवारी की तरफ गया तो कई-कई फुट की ऊंची दीवार देखकर उनका माथा भी ठन गया। अब इसकी चारदीवारी को कुछ फुट तक के हिस्से में फिर से ढहा दिया गया। टूटी दीवारों व यहां बिखरी ईंटें देखकर हर कोई कई तरह के सवाल इसको लेकर उठाता रहा।
बढ़ा दिया था आकार
वर्षों से यहां छोटा मंदिर था और लोग पूजा अर्चना भी करते आ रहे थे, लेकिन किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया था। लेकिन दो-तीन माह से मंदिर के विस्तार को लेकर पीछे से कार्य किए जाने पर अस्पताल के अधिकारी भी उखड़ गए। एक तो मंदिर के लिए पहले से ज्यादा जगह पर उसकी नींव भर दी थी, ऊपर से बड़ के पेड़ की बड़ी टहनी भी काट दी गई थी। मना करने के बाद भी लोगों द्वारा काम को जारी रखने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों में ठनती दिख रही है। निर्माण कार्य का जिम्मा कौन ले रहा है, इसको लेकर अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है।
होगी कार्रवाई
अस्पताल में इस तरह से बिना किसी अनुमति के कोई निर्माण कार्य करना गलत है। मंदिर के विस्तार को लेकर अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है, साथ में पीछे से यहां पर कार्य करवाए जाने को लेकर पुलिस को भी मामले में शिकायत दी गई है। यदि कोई भी व्यक्ति यहां पर निर्माण कार्य करवाता हुआ मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल बहादुरगढ