नैशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेकिन खास बात यह रही कि जहां कर्मचारी दिनभर सरकार और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ गरजते रहे। वहीं दोपहर बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन से कर्मचारी खुश हो गए और सरकार व विभागीय अधिकारियों के समर्थन में नारे लगाएं।
हालांकि इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी भी दी कि अगर सरकार ने 15 दिनों के अंदर लिखित में मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इससे पूर्व दिनभर स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रही। दूसरे दिन भी मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग को ट्रेनी नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के माध्यम से ही अपना काम चलाना पड़ा। धरने में सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जयपाल और सचिव राजेंद्र कुमार ने भी एनएचएम कर्मचारियों का समर्थन किया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह, संदीप जांगड़ा ने बताया कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सचिव मुख्यालय में एसीएस से मिला है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि कर्मचारियों को ठेकेदारी के तहत नहीं किया जाएगा।
जिन राज्यों में एनएचएम कर्मचारियों को नियमित किया गया है उन राज्यों से नियमित करने के लिए तैयार किया गया ड्राफ्ट मंगवाया जाएगा। जिसकी तर्ज पर हरियाणा में भी ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। तब तक किसी कर्मचारी की छंटनी नहीं की जाएगी। सुरेंद्र ने बताया कि सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापिस ले ली है। साथ ही अगर सरकार जल्द लिखित में मांगे नहीं मानती तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।