संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नगर परिषद की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव पर आपत्ति लगाकर वापस भेज दिया गया है। नगर परिषद की तरफ से प्रस्ताव में मुख्यालय की तरफ से लगाई गईं आपत्तियों को दूर कर दोबारा से प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। जल्द ही इन्हें सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए नगर परिषद की तरफ से तैयारी पूरी कर ली गई है।
करीब 20 दिन पूर्व नगर परिषद की तरफ से शहर की 36 अवैध कॉलोनियों का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया था, लेकिन कॉलोनियों के नक्शों समेत अन्य आपत्तियां लगाकर मुख्यालय से वापस भेज दिया गया। प्रस्ताव वापस आते ही नगर परिषद की तरफ से मुख्यालय की तरफ से दर्शाई गईं कमियों को पूरा कर प्रस्ताव दोबारा से तैयार किए हैं।
इन कॉलोनियों के भेजे गए थे प्रस्ताव
शहर की शिव कॉलोनी, कच्चा बाबरा रोड कॉलोनी, लाल सिंह कॉलोनी पार्ट, 1, 2 व 3, रामनगर कॉलोनी, ग्वालीशन रोड पर आईएनए कॉलोनी, भगत पूर्णमल कॉलोनी, कुलदीप सिंह कॉलाेनी, किला कॉलोनी पार्ट-2, सुभाष नगर, मॉडल टाउन, राधा स्वामी कॉलोनी, धर्म कॉलोनी, लालचंद कॉलोनी, मारुति कॉलोनी पार्ट-1व2, प्रिया कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, कंवर सिंह कॉलोनी, विकास नगर, बेरी गेट कॉलोनी, धांधू नगर पार्ट-1 व 2, जाटव कॉलोनी सहित शहर की 36 अवैध कॉलोनी शामिल हैं।
लंबे समय से किया जा रहा इंतजार
कांग्रेस की हुड्डा सरकार के समय शहर की करीब 16-17 कॉलोनियों को नियमित किया गया था। उसके बाद से शहर के लोग अन्य कॉलोनियों को नियमित करने के लिए इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सरकार की तरफ से पिछले दिनों कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा के लिए प्रस्ताव मांगे तो उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
मंजूरी के बाद मिलेंगे अनेक लाभ
सरकार की तरफ से इन काॅलोनियों को अगर मंजूरी दे दी जाती है तो इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सबसे पहले ताे मकानों व संस्थानों के नक्शे पास कराने का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सीवर, बिजली, पानी सहित अनेक सुविधाएं मिलने लगेंगी। पानी की निकासी के नालों का निर्माण होगा, सभी कॉलोनियों में गलियां पक्की होंगी। सफाई व्यवस्था के प्रबंध होंगे, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था होगी। सुविधाओं के साथ साथ जमीन के मूल्य में भी वृद्धि होगी।
शहर की कॉलोनियों के प्रस्ताव तैयार कर कुछ दिन पहले सरकार को भेजे गए थे, लेकिन कुछ आपत्तियां लगाकर उन्हें वापस भेजा गया है। जो आपत्तियां जताई गई थीं, उन्हें दूर की जल्द ही मुख्यालय को भेजा जा रहा है।
- केके यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, झज्जर।