झज्जर। हिसार के एक गांव में निजी स्कूल के प्राचार्य की हत्या किए जाने के मामले में जिला के निजी स्कूल संचालकों ने हड़ताल कर अपने-अपने स्कूलों को बंद रखा। इस दौरान निजी स्कूल संचालक अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर दिखे और उन्होंने सीएम के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उनकी रखी है कि जिस तरह से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कानून बना रखा है, उसी तरह से निजी स्कूलों की सुरक्षा के लिए सरकार कोई कानून बनाए।
बुधवार को सभी निजी स्कूल संचालक लघु सचिवालय पार्क में प्राइवेट स्कूल शिक्षक संघ के जितेंद्र लाठर व रमेश रोहिला की अध्यक्षता में एकत्रित हुए। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र लाठर ने प्राइवेट स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हमें राष्ट्र निर्माता का खिताब दिया जाता है और दूसरी तरफ हमारी सुरक्षा खतरे में है। कई प्राइवेट स्कूल के संचालक तो ऐसे हैं, जिनकी दूसरी पीढ़ी पढ़ाई के क्षेत्र में राष्ट्र की सेवा कर रही है। इन सबके बावजूद भी हम अपनी ही सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं।
इसलिए सरकार को चाहिए प्राइवेट स्कूलों के बाहर पुलिस सुरक्षा बढ़ाई जाए। दिनभर पीसीआर की गश्त बढ़ाई जाए और छुट्टी के समय भी पुलिस स्कूलों की सुरक्षा पर ध्यान दे। रमेश रोहिला ने सरकार पर प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के प्रति दोहरा मापदंड अपनाने का सरकार पर आरोप लगाया।
सरकारी स्कूलों के लिए अलग नियम है तो प्राइवेट स्कूलों के लिए सरकार ने अलग से नियम बना रखे हैं। सरकार से उनकी मांग है कि सरकार इस भेदभाव को खत्म करे। हिसार में प्राचार्य की जिस तरह से हत्या की गई है, उसके बाद से अपनी सुरक्षा को लेकर निजी स्कूल वाले काफी गंभीर हैं।
इस अवसर पर स्कूल संचालक नविंद्र सिंह, हिम्मत भारद्वाज, राजबीर यादव, अनिल गुलिया, जितेंद्र रोहिला, जितेंद्र लाठर, रमेश रोहिला, सुखबीर, जगबीर, कृष्ण डागर, रमेश सैनी, धर्मेंद्र, नसीब, पितांबर चौहान मौजूद रहे।