बहादुरगढ़। वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद से किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के हित में अनेक नवाचार किए गए हैं। वर्ल्ड लार्जेस्ट ग्रेन स्टोरेज योजना के अंतर्गत अब देशभर की एमपैक्स समितियों में अत्याधुनिक गोदाम बनाए जाएंगे ताकि किसान अपनी उपज को तब तक सुरक्षित रख सकें और वह कभी भी उसे बेच सकें। यह बात बतौर मुख्य अतिथि नाबार्ड चंडीगढ़ के सहायक महाप्रबंधक मोहित यादव ने कही।
वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने पर दी खरहर बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति खरहर में नाबार्ड के सहयोग से सहकारिता जागरूकता कार्यक्रम एवं पर्यावरणीय पहल एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण अभियान में हिस्सा लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दी झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक के विकास अधिकारी प्रियवृत ने की। मीडिया प्रभारी पं. लोकेश शर्मा ने बताया कि झज्जर जिले में कुल 23 बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनके 105 बिक्री केंद्रों से 65,728 किसान जुड़े हुए हैं। इनमें से 64,211 ऋणी सदस्य हैं, जिनमें 32,945 अतिदेय ऋणी तथा 31,266 नियमित भुगतान करने वाले किसान हैं। जिले की सभी एमपैक्स समितियों पर कुल 372.88 करोड़ रुपये का बकाया हैं।
बादली, बुपनिया, ढाकला, मातनहेल व खानपुर खुर्द एमपैक्स में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पहले ही संचालित किए जा चुके हैं। झज्जर और डीघल को छोड़कर सभी एमपैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) भी कार्यरत हैं, वहीं ग्वालिसन और खुड्डन में दो नई एमपैक्स समितियों की स्थापना की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में अंकित (कंप्यूटर ऑपरेटर, आसौदा), रोहताश (एमपैक्स प्रबंधक, बहादुरगढ़), शकुंतला (कंप्यूटर ऑपरेटर, खरहर) तथा कर्मवीर (पैक्स प्रबंधक, खरहर) शामिल रहे।