झज्जर। परिवार पहचान पत्र से छेड़छाड़, आय बदलने के मामले में मंगलवार को रोहतक का मुख्यमंत्री उड़नदस्ता जानकारी लेने झज्जर पहुंचा। यहां के जैसी ही एक शिकायत रोहतक में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के पास भी पहुंची। रोहतक की टीम ने झज्जर आकर परिवार पहचान पत्र के तकनीकी अधिकारी से पूरे मामले की जानकारी ली।
माना जा रहा है कि झज्जर जैसे मामले का खुलासा रोहतक में भी हो सकता है क्योंकि कुछ समय पहले रोहतक क्रीड कार्यालय की भी शिकायत हुई थी। वहीं, झज्जर पीपीपी छेड़छाड़ मामले में तीन दिन के रिमांड पर चल रहे तीनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
रिमांड के दौरान पुलिस को काफी अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों से दो लैपटॉप और एक सीपीयू बरामद किया है। अब इनकी भी साइबर पुलिस गहनता से जांच करेगी। पुलिस आरोपियों से पांच मोबाइल फोन पहले ही बरामद कर चुकी है। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूला है। योगेश ने बताया कि वह अपना ओटीपी आगे बेचता था। वहीं, साइबर पुलिस व क्रीड की टीम संदिग्ध 12 हजार परिवार पहचान पत्रों की जांच भी करने में जुट गई है। इसमें कई फैमिली आईडी में आरोपियों ने पैसे लेकर बदलाव किए हैं। पुलिस ने कई अन्य लोगों से पूछताछ की है। मंगलवार को भी 6-7 लोगों से पूछताछ की गई जबकि बुधवार को भी कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
सितंबर में भी एडीसी ने करवाई थी एफआईआर, खुलेगा केस
इसी साल सितंबर में भी एडीसी झज्जर की तरफ से पुलिस को शिकायत दी गई थी। इस एफआईआर में बताया गया था कि गलत तरीके से लगभग 50-60 परिवारों का गलत सत्यापन किया गया है। इस मामले में पूरी जांच आगे नहीं बढ़ पाई। अब इस पुलिस शिकायत को भी दोबारा खोला जाएगा और पता लगाया जाएगा कि आखिर किन-किन लोगों की गलत आय सत्यापित की गई। क्या यह बदलाव पैसे लेकर किया गया था या नहीं।
योगेश खुद के खाते की बजाय पिता के खाते में राशि करवाता था जमा
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी काम कराने के नाम पर पांच हजार रुपये तक लेते थे। यही नहीं मुख्य आरोपी योगेश खुद अपने खाते में कभी राशि जमा नहीं करवाता था बल्कि अपने पिता के खाते में राशि जमा करवाता था। साइबर पुलिस ने आरोपियों सहित उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खातों की जांच की है, जिसमें याेगेश के पिता के खातों में संदिग्ध राशि जमा होने की बात सामने आई है। वहीं बाकी दोनों आरोपी अपने खाते में ही राशि डलवाते थे।
आरोपियों को रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आरोपियों से काफी अहम सुराग हाथ लगे हैं। उनके खाते में ट्रांजेक्शन मिली हैं। आरोपियों से दो लैपटॉप और एक सीपीयू बरामद किया गया है। उसकी जांच की जा रही है। अन्य कुछ लोगों से पूछताछ की गई है और कुछ को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अन्य लोगों के शामिल होने की पूरी संभावनाएं हैं। जल्द उन तक भी पहुंचा जाएगा।
-अजय कुमार, साइबर थाना प्रभारी, झज्जर