साल्हावास। अपने भाई के साथ पूजा आर्या। फोटो- संवाद
साल्हावास। जिले के गांव निलाहेडी की पूजा आर्या कामयाबी की मिसाल बनी हैं। वह आज युवाओं की प्रेरणास्रोत हैं। यूजीसी नेट दिसंबर 2023 की परीक्षा में लगातार तीसरे विषय में जेआरएफ उत्तीर्ण कर कीर्तिमान रच दिया है। पूजा ने दिसंबर 2019 की परीक्षा में साइकोलॉजी विषय में जेआरएफ उत्तीर्ण किया था। वर्ष 2022 में उन्होंने सोशियोलॉजी में यह उपलब्धि हासिल की थी। इस बार उन्होंने योग में जेआरएफ उत्तीर्ण कर रिकॉर्ड बनाया है। पूजा ने बताया कि साइकोलॉजी में जेआरएफ करने के बाद उन्होंने अपने भाई योगाचार्य सूर्यप्रकाश के साथ एक नए विषय की योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई शुरू की और दोनों ने एक साथ प्रथम प्रयास में ही सोशियोलॉजी में जेआरएफ कर दिया। इसके बाद अगले वर्ष पूजा का रुझान योग विषय की तरफ आकर्षित हुआ। हरिद्वार स्थित बाबा रामदेव के पतंजलि विश्वविद्यालय में शोध कार्य कर रही पूजा ने प्राणायाम और ध्यान की शक्ति द्वारा अपनी शारीरिक दिव्यांगता को हरा दिया।
दरअसल पूजा की वर्ष 2014 में पांचवीं मंजिल से सिर पर ईंटें गिर जाने से रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। सरवाईकल लेवल पर ऑपरेशन के बाद वह जिंदा तो बच गई, लेकिन अनेकों शारीरिक समस्याओं के साथ आज भी व्हीलचेयर पर आश्रित हैं। पूजा का सपना है कि वह योग-मनोविज्ञान में रिसर्च कर समाज को मानसिक एवं शारीरिक बीमारियों से निपटने का हॉलिस्टिक पैकेज तैयार करेंगी ।