झज्जर। दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को शहर व आसपास के क्षेत्र में एक बार फिर स्मॉग छाया रहा। सुबह के समय दृश्यता कम रही। स्मॉग के कारण आंखों में जलन महसूस की गई। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को जनपद का औसत एक्यूआई 365 रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में नमी के कारण कूड़ा जलाने, वाहनों से निकला धुंआ ऊपर जाने की बजाय नमी में मिश्रित होकर पर्यावरण में फैल रहा है। इस कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. ईश्वर सिंह जाखड़ ने बताया कि कबाड़ को जलाने और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण स्थिति और बिगड़ रही क्योंकि धुएं से निकलने वाली एक तरह की गैस नाइट्रोजन आक्साईड हवा में मिलकर आंखों में जलन, चर्म रोग तथा सांस रोग पैदा होते हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों आई बारिश से स्मॉग व प्रदूषण में काफी कमी दर्ज की गई थी, लेकिन दिवाली की आतिशबाजी के बाद से हवा फिर जहरीली हो गई हैं। यह स्थिति वर्षा होने के बाद ही सुधरेगी। सामान्य अस्पताल से एमएस डाॅ. नरेश दहिया ने बताया कि मौजूदा समय हवा में फैले धुएं के कारण हार्ट, आंखों में जलन तथा गले में सांस लेने की दिक्कत जैसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इसके साथ आरएसपीएम कण शरीर के लिए घातक होते हैं। इनकी वजह से ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, डिप्रेशन, बेचैनी जैसे रोगों की शिकायत हो जाती है। इन दिनों नांक पर कपड़ा रखें और आंखों को साफ पानी से दिन में दो-तीन बार धोएं।
चल रहे निर्माण के काम, जला रहे कूड़ा
शहर में रोक के बावजूद निर्माण के कार्य जारी हैभवन निर्माण सामग्री सरेआम पड़ी है और उस पर पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। कूड़ा भी जलाया जा रहा है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
वर्जन
पाबंदी के बावजूद यदि कोई भवन निर्माण करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और चालान किए जाएंगे। इसलिए लोगों को चाहिए कि वह पाबंदियों के बावजूद ऐसा नहीं करें।
विवेक जैन, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर परिषद, झज्जर