इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय चौटाला ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन खेती संबंधी कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए बुधवार को टीकरी बार्डर पर आंदोलनकारी किसानों से बातचीत की। इस मौके पर प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इनेलो का हरेक कार्यकर्ता इस आंदोलन में किसानों के साथ है और सरकार को ये कानून वापस लेने ही होंगे।
अभय चौटाला ने कहा कि इन कानूनों के बनने से पहले ही उनकी पार्टी की तरफ से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को ज्ञापन देकर उपरोक्त कृषि कानून नहीं बनाने की मांग की गई थी। इनेलो ने इन कानूनों का सबसे पहले विरोध करना शुरू किया। आज भी पार्टी इन कानूनों के खिलाफ है। ये कानून लागू हुए तो किसान आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे और हजारों किसानों को खेती छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अगर इन तीनों कानूनों को वापस नहीं लिया और कृषि उपज के अधिकतम समर्थन मूल्य देने की गारंटी नहीं दी तो किसान आंदोलन अधिक प्रचंड रूप धारण कर लेगा। जिसका खामियाजा न केवल सरकार बल्कि भारतीय जनता पार्टी को सीधे रूप से भी उठाना पड़ेगा। इस मौके पर इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी समेत कई स्थानीय कार्यकर्ता अभय चौटाला के साथ मौजूद रहे।