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अब छात्र बनेंगे ‘अभिमन्यु’ और ‘अर्जुन’, सीखेंगे हथियार चलाना

Tue, 02 May 2017 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
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नेशनल कैडेट कोर की तर्ज पर अब पुलिस कैडेट कोर का गठन होने जा रहा है। पुलिस विभाग की ओर से प्रदेश भर में यह योजना लागू की जा रही है। इसके तहत हर थाने की ओर से अपने क्षेत्र के एक स्कूल का चयन किया जाएगा। इसमें पीसीसी की गतिविधियां चलाई जाएंगी। पीसीसी के तहत छात्रों को दो वर्गों में बांटा गया है जिसमें 6 से 9 तक कनिष्ठ वर्ग तथा 10 से 12वीं कक्षा तक वरिष्ठ वर्ग बनाया गया है। कनिष्ठ वर्ग के कैडेट को अभिमन्यु और वरिष्ठ वर्ग के कैडेट को अर्जुन का नाम दिया गया है। पीसीसी को ज्वाइन करने वाले छात्रों को हर शुक्रवार डेढ़ घंटेे की क्लास लेनी होगी। इसमें पौने घंटे इंडोर क्लास तथा पौने घंटे की आउटडोर क्लास रहेगी। इंडोर क्लास में कानून का ज्ञान तथा आउटडोर में हथियार चलाने का प्रशिक्षण व परेड संबंधी दूसरी चीजें सिखाई जाएंगी। विभाग द्वारा योजना को अमलीजामा इसी सत्र से पहनाया जाएगा।
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विद्यार्थियों को मिलेंगे सर्टिफिकेट
पीसीसी का कोर्स ज्वाइन करने वाले विद्यार्थियों को एनसीसी की तर्ज पर ही पुलिस विभाग की ओर से सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगें। छात्र की परफोर्मेंस को देखते हुए ए और बी ग्रेड दिया जाएगा। छात्रों को प्रशिक्षण के लिए एएसआई रैंक से लेकर एसएचओ स्तर तक के अधिकारी उपलब्ध रहेंगे। छात्रों को इस क्लास में मौजूद रहना अनिवार्य रहेगा। वहीं अगर शुक्रवार को सरकारी छुट्टी आती है तो इस दिन क्लास नहीं लगेगी। वहीं क्लास में आने वाले छात्रों के लिए फलाहार की व्यवस्था विभाग के द्वारा की जाएगी।

ये होगा छात्रों को फायदा
पुलिस की भर्ती में पीसीसी के ए और बी ग्रेड वाले कैडेट को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग के द्वारा होमगार्ड के पदों पर इन कैडेट को तरजीह दी जाएगी। हथियार और ड्राइविंग लाइसेंस में विभाग के द्वारा मदद की जाएगी। प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को इन कैडेट को रोजगार में प्राथमिकता देने के लिए विभाग की ओर से प्रेरित किया जाएगा। खेल में अच्छी उपलब्धि वाले कैडेट को खेल विभाग से उपलब्ध सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
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ये रहेंगी गतिविधियां
-स्वतंत्रता दिवस की परेड में शामिल होना।
-जिला स्तर पर वार्षिक समारोह में भाग लेना।
-सार्वजनिक मेलों व उत्सवों में प्रशिक्षण के दौरान ड्यूटी देना।
-पुलिस के कार्य का प्रशिक्षण के लिए अधिकारियों के साथ तैनाती पर जाना।
-पुलिस और जनता के बीच सहयोग बढ़ाने वाली गतिविधियां बढ़ाने में हिस्सा लेना।

स्कूल ड्रैस में लेंगे हिस्सा
पीसीसी ज्वाइन करने वाले कैडेट को अलग से कोई ड्रैस कोड लागू नहीं किया जाएगा। प्रत्येक कोड को विभाग के द्वारा एक कैडेट कैप उपलब्ध करवाई जाएगी। जिस पर पुलिस कैडेट कोर का प्रतीक चिह्न लगा होगा। वहीं कनिष्ठ वर्ग के कैडेट को अभिमन्यु और वरिष्ठ वर्ग के कैडेट को अर्जुन का नाम दिया गया है।

महिला कैडेट को भी किया जाएगा शामिल
योजना के तहत महिला थाना के अंतर्गत कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में 50-50 महिला कैडेट को शामिल किया जाएगा जिन्हें महिला थानाधिकारी के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन सभी कैडेट के रिकॉर्ड के लिए हर थाने में रजिस्टर नंबर 26 लगाया जाएगा। हर साल सत्र पूरा होने के बाद रजिस्टर थाने में जमा करवा दिया जाएगा। इसमें 20 साल तक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी थाना प्रबंधक की रहेगी।

योजना का उद्देश्य युवाओं के व्यक्तित्व विकास में सहायता करके उन्हें आदर्श नागरिक बनाने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रकार के प्रशिक्षित युवाओं को भविष्य में होने वाली पुलिस भर्ती में भी वरीयता दी जाएगी। अगर हमारा यूथ आदर्श नागरिक बन जाएगा तो अपराध के स्तर में भी गिरावट आएगी।
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बी सतीश बालन, एसपी, झज्जर।
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