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सैंकड़ों किलोमीटर दूर झांसी और महोबा अपने घरों के लिए पैदल निकले कई परिवार

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अपने परिवार के साथ यूपी के लिए पैदल जाते लोग। - फोटो : Jhjhar
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देश में कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पूरे भारत को लॉकडाउन किया गया है। इसके कारण जिले में उपस्थित दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और गरीबों की जिंदगी मुश्किलों से घिर गई है। ये लोग अपने लिए हर रोज कमाते थे और रोज खाते थे। जिला प्रशासन की तरफ से मुश्किलों का हल खोजने की हर कोशिश की जा रही है। बावजूद इसके कुछ लोग परेशानियों का हल ढूंढ़ने में नाकामयाब होने के बाद अपने घरों की तरफ चल पड़े हैं। देश में लॉकडाउन होने की वजह से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से बंद है। ऐसे में कुछ लोग पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल पड़े हैं। कुछ लोग पैदल, कुछ अपने रिक्शा व साइकिल पर सवार होकर अपने गंतव्यों की तरफ बढ़ रहे हैं। हालांकि इनके साथ बच्चे व महिलाएं भी हैं। रात से हो रही बूंदाबांदी शुक्रवार दोपहर बाद तक जारी रही। इस बूंदाबांदी के बीच इनके कदम अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे थे।
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दो दिन से चल रहे हैं पैदल
वीरवार को झज्जर व रोहतक से यूपी के झांसी व महोबा जिलों में जाने के लिए निकल पड़े। वहीं वो उनके रास्ते में पड़ने वाली रेललाइन पर ट्रेन के बारे में जानकारी प्राप्त करते नजर आए। लेकिन उन्हें वहां पर निराशा ही हाथ लगी और वो अपने पैदल ही अपने गंतव्यों की तरफ बढ़ने लगे। उनका कहना है कि जहां पर वो काम कर रहे थे, वहां पर उन्हें काम नहीं मिल रहा है। उनके पास खाना खाने केे लिए पैसे भी नहीं बचे हैं। जिसकी वजह से वो यूपी स्थित अपने घरों की तरफ जा रहे हैं। जब वो झज्जर के बाईपास के पास पहुंचे तो उस दौरान बूंदाबांदी का दौर जारी था और वो अपने बच्चों को बचाने के लिए प्रयास कर रहे थे।
साइकिल पर फरीदाबाद से फतेहाबाद के लिए रवाना हुआ युवक
फतेहाबाद निवासी मुन्नाराम ने बताया कि वह फरीदाबाद से पांच बजे घर से निकला था और उसे फतेहाबाद जाना है। फरीदाबाद में वह मजदूरी काम करता है। वह जिसके पास काम करता था, उस व्यक्ति ने भी उसे रुपये भी नहीं दिए। वह सुबह पांच बजे फरीदाबाद से साइकिल पर सवार होकर चला था। रास्ते में एक चाय वाले की दुकान पर किसी व्यक्ति ने चाय व मट्ठी खिलाई थी। उसके बाद जब झज्जर पहुंचा तो पुलिस ने उससे पूछताछ की और उनके अपने बारे सारी बातें बताई। जिसके बाद यादव धर्मशाला के पास तैनात पुलिसकर्मी और एसआई गौतम ने उसे एक हजार रुपये देकर कहा कि वह कुछ खा लेना और घर में बच्चों के लिए भी कुछ खाने के लिए ले जाना।

अपने परिवार के साथ यूपी के लिए पैदल जाते लोग।- फोटो : Jhjhar

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