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सरोजिनी और सुनील ने 14 परिवारों का किराया किया माफ

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सुनील अहलावत। - फोटो : Bahadurgarh
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मानवता की कोरोना के साथ जंग में लोग अपने-अपने ढंग से सेवा कर रहे हैं। चिकित्सा कर्मियों का तो जवाब ही नहीं, पुलिस भी पीछे नहीं है। काफी लोगों ने मुख्यमंत्री द्वारा स्थापित कोरोना राहत कोष में दान दिया है। उधर, सांखोल के दो नागरिक कोरोना की वजह से बेरोजगार हो गए अपने किराएदारों की मदद के लिए आगे आए हैं। इन दोनों ने अपने सभी किराएदारों का एक महीने का किराया माफ कर दिया है।
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सांखोल के मकानों में सैकड़ों श्रमिक अपने परिवारों के साथ रहते हैं। ये सभी मेहनत मजदूरी करके गुजारा करते हैं। आजकल लॉकडाउन की वजह से किसी को दिहाड़ी पर काम नहीं मिल रहा। इसलिए सभी को गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
सांखोल के मनीष चाहर और उनके साथी युवा गांव में संघर्षशील जनकल्याण सेवा समिति चलाते हैं। इन युवाओं ने किराएदारों की समस्या को समझा और जरूरतमंद किराएदारों की मदद के लिए मुहिम चलाई। कई मकान मालिकों से मिलकर अपने किरायेदारों का किराया माफ करने की अपील की। राजकीय विद्यालय बीर बरकताबाद में ड्राइंग टीचर से रिटायर हुई सरोजनी देवी को युवाओं की बात ने झकझोर दिया और उन्होंने तुरंत ही अपने पांच किराएदारों का एक महीने का किराया माफ कर दिया। जिन परिवारों का किराया माफ किया है उनमें नेपाल मूल के सुरेश कुमार, बेतुलाल व सात्विक, मध्य प्रदेश की नंदिनी और हरियाणा के बलराम शामिल हैं।
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सांखोल के ही निवासी माई चंद के पुत्र सुनील अहलावत के कुल 9 कमरे हैं। इन सभी में एक-एक परिवार रहता है। सेवा समिति कार्यकर्ताओं की अपील पर सुनील ने भी सभी का एक महीने का किराया माफ कर दिया है। उनके जिन किराएदारों को लाभ मिला है उनमें रोहतक जिले की राखी, मीनू, ज्योति व नसीब, उत्तर प्रदेश के आगरा के रोहित व गुड़िया, मथुरा के शिवम रानी और हिमाचल प्रदेश के बलदेव सिंह शामिल हैं।

सरोजिनी देवी।- फोटो : Bahadurgarh

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