फोटो-57: पूर्व विधायक राजेंद्र जून।
बहादुरगढ़। कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र जून ने केंद्र की भाजपा सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा यह पूछने को मजबूर है कि वे मेहनत करें या पेपर खरीदें? लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों का भरोसा तोड़ा है और पूरी शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पूर्व विधायक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है। जून ने कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था लेकिन पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी। यह देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
राजेंद्र जून ने सीबीएसई की ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) व्यवस्था को भी बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि इस वर्ष लाखों विद्यार्थी अपने परिणामों से असंतुष्ट हैं। करीब चार लाख छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां मांगी हैं। कई मामलों में पन्ने गायब मिलने, दूसरे छात्रों की कॉपियां दिखाई देने और मूल्यांकन में गंभीर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि विरोध के बाद सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया गया लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। जून ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सीबीएसई ओएसएम से प्रभावित छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच, नीट पेपर लीक की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की।