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इस्कॉन मंदिर में मिला पाकिस्तानी संदिग्ध

Fri, 26 May 2017 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/झज्जर बहादुरगढ़
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इस्कॉन मंदिर में बृहस्पतिवार को पाकिस्तानी नागरिक मिला है। यह संदिग्ध पाकिस्तानी नाम बदलकर हिंदू नाम से रह रहा था। आईबी एवं स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उक्त व्यक्ति के पास से पाकिस्तान दस्तावेज सहित पैन कार्ड व आधार कार्ड जैसे भारतीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। वह पिछले 9 महीने से बहादुरगढ़ में रह रहा था। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में स्थित निर्माणधीन इस्कॉन मंदिर में रासराज दास राजपूत नाम से रह रहा उक्त व्यक्ति मूलत: पाकिस्तान के सिंध प्रांत के गांव लरकाना की हिंदू कॉलोनी का निवासी है। उसके पास से मिले पाकिस्तानी दस्तावेजों से यह पुष्टि हुई है। 3 फरवरी 2016 को इस व्यक्ति का वीजा समाप्त हो गया। तब से चोरी-छिपे वह यहां-वहां रह रहा था। पिछले करीब 9 महीने से वह बहादुरगढ़ के इस्कॉन मंदिर में रह रहा है। बृहस्पतिवार को पुलिस उक्त पाकिस्तानी व्यक्ति तक पहुंच गई। आईबी के सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार, सिटी थाने से एसएचओ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार व लाइनपार थाना के एसएचओ कुलबीर सिंह अपनी टीमों सहित मौके पर पहुंचे और उक्त व्यक्ति से पूछताछ की और उसके कमरे की तलाशी ली।
काफी देर तक पूछताछ व जांच के बाद युवक के पास से मिले दस्तावेजों को देखकर पुलिस भी हैरान हो गई। पाकिस्तानी दस्तावेजों के साथ-साथ कई भारतीय आईडी भी उसके पास मिलीं। तीन अलग-अलग नामों से उसकी पहचान थी और जन्मतिथि भी अलग मिली। युवक के पाकिस्तानी वीजा व पासपोर्ट में राजा नाम है। पासपोर्ट में उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1976 अंकित है। जबकि भारतीय आधार कार्ड में उसका नाम रासराज दास राजपूत है। इसमें जन्मतिथि 13 मार्च 1987 है। युवक ने जो वोटर कार्ड बनवाया है, उसमें एचएनओ-226 गांव छावला दिल्ली का पता है। इसके अलावा उसके पास से एक 50 रुपये का पाकिस्तानी नोट भी बरामद हुआ। हैरानी वाली बात ये कि जब इस व्यक्ति को भारतीय नागरिकता ही नहीं मिली तो, उसके पहचान पत्र संबंधी भारतीय दस्तावेज कैसे बन गए?
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शाम होने पर जब संदिग्ध रासराज को पुलिस अपने साथ ले जाने लगी तो उसने कान्हा की पूजा अर्चना करने की गुहार की। तब पुलिस की मौजूदगी में उसने अपने कमरे में श्रीकृष्ण जी की आरती की।

ऐसे आया बहादुरगढ़
पाकिस्तानी मूल का यह व्यक्ति 2013 में वीजा लेकर दिल्ली आया था। वह द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर में रहने लगा। इसके बाद बहादुरगढ़ में निर्माणधीन इस्कॉन टैंपल के पदाधिकारियों के संपर्क में आया। फिर उनके साथ बहादुरगढ़ आ गया और पिछले करीब 9 महीने से यहीं रह रहा था। करीब 15 दिन पहले दिल्ली में उसके ग्रुप के कुछ अन्य लोग आए थे। वह वहां उनसे मिलकर आया था। एंबेसी में भी उसने भारतीय नागरिकता लेने की गुजारिश की थी।
इस्क़ॉन में रह रहे लोगों के मुताबिक, उक्त व्यक्ति सभी कार्य पूरी धार्मिकता व आस्था के साथ करता है। नगर कीर्तन हो या आरती या फिर मंदिर का कोई भी काम वह पूरी निष्ठा से करता है।

अफवाह भी उड़ी
बृहस्पतिवार को दिनभर शहर में पाकिस्तानी जासूस को पकड़े जाने की अफवाहें उड़ती रहीं। हर नुक्कड़-चौराहों व सोशल साइट्स पर यह चर्चा चल रही थी। रासराज की हकीकत क्या है और वह किन इरादों से यहां रह रहा था इस बारे में जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा।

उक्त व्यक्ति के पास से पाकिस्तानी एवं भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज मिले हैं। गंभीरता से मामले में जांच की जा रही है। फिलहाल हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही खुलासा हो पाएगा।
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इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार
एसएचओ सिटी, बहादुरगढ़।
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