अनाज मंडी में धान को साफ करते हुए श्रमिक।संवाद
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झज्जर। अनाज मंडी में धान की आवक निरंतर जारी है, लेकिन बाजरे की आवक तीन दिन से नहीं हो रही है। किसानों की ओर से पहले ही बाजरे को मंडी में लाकर बेच दिया गया है। रविवार को 22 किसानों की ओर से करीब 450 क्विंटल धान मंडी में पहुंचाया गया है। लगातार धान की किस्म 1121, 1718 की निजी तौर पर की जा रही है। वहीं धान के भाव में पिछले सप्ताह काफी उछाल देखने को मिला था, लेकिन अब भाव में कुछ नरमी आने लगी है।
आढ़तियों का कहना है कि तीन साल पहले धान की खरीद झज्जर की अनाज मंडी में की गई थी, उसके बाद अब धान व बाजरे की निजी खरीद आढ़तियों की ओर से की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से बाजरे को पहले बेचा जा चुका है। अब इक्क-दुक्का किसान ही बाजरा मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं। तीन दिन से बाजरा मंडी में नहीं पहुंचा है, लेकिन पहले से रखे बाजरे का उठान किया जा रहा है। धान किसानों की ओर से लगातार लाया जा रहा है।
धान की 3800 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से लग रही बोली
धान की किस्म 1121, 1718 की 3800 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से आढ़तियों की ओर से बोली लगाई जा रही है। जबकि पिछले सप्ताह 4091 रुपये प्रति क्विंटल तक धान की ढेरियों की बोली लगाई जा चुकी है। धान की आवक दिसंबर के अंतिम दिनों तक होने की संभावना आढ़तियों की ओर से जताई जा रही है।
वर्जन
किसानों की ओर से अनाज मंडी में धान लगातार लाया जा रहा है, लेकिन बाजरा तीन दिनों से नहीं आ रहा है। मार्केट कमेटी के कर्मचारी धान व बाजरे की खरीद पर निगरानी रख रहा है। मंडी में बिजली व पानी की व्यवस्था दुरुस्त है।
-विजय सिंह, सह-सचिव, मार्केट कमेटी, झज्जर।