भले ही ट्रैफिक पुलिस की ओर से सुबह-शाम के वक्त कामर्शियल व हैवी व्हीकलों की शहर के अंदर से इंट्री बंद की हो लेकिन इस पर कहीं कोई अमल नहीं हो रहा। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में ही भीड़भाड़ वाले स्थानों से चालक ओवर लोड वाहनों को निकालने में गुरेज नहीं कर रहे। जिससे पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगा है।
तीन दिन पहले ट्रैफिक एसएचओ ने प्रशासनिक आदेशों का हवाला देते हुए अनेक कामर्शियल व हैवी व्हीकलों की सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे व शाम के 4 से 6 बजे तक इंट्री पर बैन को लेकर सख्ती बरती थी। उन्होंने अपनी टीम के साथ झज्जर मोड़ के आसपास से अनेक वाहनों को आउटर एरिया से निकलवाया था।
एसएचओ सुखबीर सिंह का कहना था कि दिन के समय भीड़भाड़ अधिक रहती है। ऐसे में किसी तरह का कोई हादसा न हो और जाम की स्थिति न बनें इसको ध्यान रखते हुए सुबह के साढ़े सात से लेकर दोपहर के 12 बजे तक कामर्शियल व हैवी व्हीकलों की शहर से इंट्री बंद की हुई है। उन्हें 12 से लेकर शाम के 4 बजे तक यहां से निकलने की छूट ट्रैफिक पुलिस की ओर से दी हुई है, लेकिन जिस समय प्रतिबंध रहता है उसी दौरान कई बड़े व ओवर लोड व्हीकल यहां से बेरोक-टोक निकलते दिखाई दिए।
नियमों की पालना व ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए झज्जर मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस के कई जवान भी तैनात किए हुए हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी में ही हैवी व्हीकल गुजर रहे हैं।
क्या कहते हैं एसएचओसभी चालकों से आह्वान किया गया है कि वे प्रतिबंध समय में अपने वाहनों को शहर के अंदर से न निकालें। यदि किसी ने मनमानी की तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। सभी प्वाइंटों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी सख्त हिदायत दी हुई है कि वे इसको लेकर ध्यान रखें। प्रतिबंधित तय समय में किसी को इंट्री न करनें दें। सुखबीर सिंह, ट्रैफिक एसएचओ