फोटो नंबर 71: बर्तन भंडार पर खरीददारी करती एक बुजुर्ग महिला।
बादली। त्योहारी सीजन में लोग खूब खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। इलेक्ट्रॉनिक सामान और सर्राफा के साथ बर्तन बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। बाजारों में भीड़ के चलते दुकानदारों के चेहरे भी खिले नजर आने लगे हैं।
धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। लोगों ने धनतेरस से पहले ही बर्तन गिफ्ट करने के लिए खरीदारी शुरू कर दी है। पहले बाजार में स्टील के बर्तनों की मांग ज्यादा होती थी लेकिन इस बार पीतल और कांसा धातु से बने बर्तनों की भी काफी मांग है। लोग पीतल की टोकनी, परात लोटे, टोंटी लगे जग और थालियां खरीद रहे हैं।
वहीं, पुरानी वस्तुओं को बेचकर नए बर्तनों की खरीदारी भी की जा रही है। बर्तन भंडार संचालक कर्मबीर, सुभाष और प्रदीप का कहना है कि इस बार बाजार में पीतल के बर्तनों की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
ग्राहकों को 100 रुपए से 20 हजार रुपये तक विभिन्न प्रकार के पीतल के बर्तन उपलब्ध हैं। इनमें हाथ से नक्काशी किए गए शुद्ध पीतल के बर्तन, चांदी की पॉलिश वाले बर्तन, पुराने आकार और मुरादाबादी तांबे के बर्तन भी शामिल हैं।
पंडित अमिताचार्य कौशिक ने बताया कि पीतल, तांबा और कांस्य के बर्तनों का उपयोग करने से जहां कई बीमारियों से राहत मिलती है वहीं वास्तु के अनुसार भी शुभ माना जाता है। बुजुर्ग महिला छन्नो, शीला और बंटी ने बताया कि पीतल के बर्तनों की खासियत यह है कि इन्हें कली से चमकाया जाता है जिससे इनका अंदरूनी भाग भी चमक उठता है।