नगर निकाय चुनाव को लेकर सरकार की नई शर्तों ने मंगलवार को शहरी क्षेत्र में भी हलचल बढ़ा दी। 19 वार्डों की नगर पालिका में इस बार कई उलटफेर हुए हैं।
रही सही कसर पढ़े-लिखों के ही चुनाव लड़ने और डिफाल्टरों के चुनाव में आए अड़ंगे ने निकाल ली। शहर के लिए बुधवार का दिन भी खास होगा, क्योंकि पालिका चेयरमैन की कुर्सी जनरल को मिलेगी या फिर आरक्षित वर्ग को, इसका फैसला बुधवार को चंडीगढ़ में होना है।
मौजूदा पार्षद नई शर्तों पर हैं फिट
फरवरी-मार्च में संभावित नगर निकाय चुनाव को लेकर सरकार ने मंगलवार को जो शर्तें इनके चुनाव लड़ने वालों के लिए तय की, उनका असर भले ही चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों पर पड़े।
लेकिन लगभग सभी निर्वतमान पार्षद इसमें फिट हैं। निवर्तमान चेयरमैन ईश्वर शर्मा जहां 12वीं पास हैं, वहीं कई पार्षदों में वकील, इंजीनियर, बीकॉम, बीए पास भी हैं।
सरकार का मंगलवार को इसको लेकर फैसला आया तो निवर्तमान पार्षदों में से अधिकतर ने इसे सराहा। वहीं कई पार्षदों ने ऐन चुनाव के मौके पर शर्तें थोपने का विरोध जरूर किया।
कई वार्डों में फेरबदल, कुर्सी का फैसला आज
जानकारी के अनुसार नगर पालिका के 19 वार्डों में करीब 23 हजार मतदाता हैं। चुनाव लड़ने के लिए एक-एक वार्ड में कई प्रत्याशी तैयारी में हैं। वार्डों में हुए उलटफेर में कईयों के सपने टूटे हैं।
वहीं कई अपने पति व पत्नी को ही मैदान में उतारने की तैयारी में हैं। पिछले चुनाव में पालिका चेयरमैन की कुर्सी सामान्य वर्ग के हिस्से में थी। अब यह किस वर्ग को मिलेगी इसका ड्रॉ बुधवार को चंडीगढ़ में होगा।
कुछ पार्षद तो इस ड्रॉ में कुर्सी के फैसले के बाद ही अपने पत्ते खोलेंगे। सामान्य वर्ग से पहले पालिका चेयरमैन की कुर्सी बीसी वर्ग को मिल चुकी है।
वार्डों में हुए उलटफेर की बात करें तो वार्ड 17 इस बार महिला के खाते में है। पहले यह सामान्य वर्ग के लिए था। बात वार्ड 5 की करें तो इस बार यह एससी महिला के लिए रिजर्व है।
वार्ड 9 पर इस बार एससी की बजाय सामान्य वर्ग के लोगों के बीच घमासान होगा।