बहादुरगढ़। शहर में पीने के लिए सप्लाई होने वाले पानी को नहर में दूषित होने से बचाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। बहादुरगढ़ वाटर सप्लाई चैनल में कई जगह लोग पूजा सामग्री और कूड़ा या कई तरह का बेकार सामान फेंक देते हैं। पानी को इससे बचाने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
दरअसल, बहादुरगढ़ वाटर सप्लाई चैनल (रजबहा) से करीब चार लाख आबादी वाले बहादुरगढ़ शहर में स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख जलघर में कच्चे पानी की आपूर्ति होती है लेकि न इस नहर की गांव सांखोल के सामने स्थित पुलिया, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन के पास स्थित पुलिया, जलघर के साथ से सेक्टर-7,6 की तरफ जाने वाले रोड की पुलिया और झज्जर रोड वाली पुलिया पर खड़े होकर लोग इस नहर में उतरी हुई पूजा सामग्री, कूड़ा या दूसरी तरह का व्यर्थ सामान फेंक देते हैं।
दिवाली के बाद और नवरात्र के बाद के अवसरों पर तो इतनी अधिक सामग्री प्रवाहित की जाती है कि न केवल नहर का पानी दूषित होता है बल्कि जल प्रवाह में भी बहुत अधिक रुकावट होती है।
कई बार नहर में व्यर्थ सामग्री इतनी अधिक होती है कि देखने के बाद सप्लाई के पानी से भी घृणा होती है। पूर्वांचल समाज के नेता प्रदीप सिन्हा ने बताया कि छठ पूजा के अवसर नहर में जल स्वच्छ नहीं आता तो पूजन के वक्त पूर्वांचल मूल के हजारों श्रद्धालुओं का मन भी खिन्न होता है।
इसलिए अब पानी को अस्वच्छ होने से बचाने के लिए सिंचाई विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उपरोक्त चारों स्थानों के पास नहर को लोहे की जाली से कवर करने का फैसला लिया है।
सिंचाई विभाग ने इस कार्य के एक करोड़ 15 लाख का एस्टीमेट बनाकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दिया है। उपायुक्त झज्जर से स्वीकृति मिलने के बाद हरियाणा प्रदूषण राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पंचकूला स्थित मुख्यालय भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलते ही टेंडर लगाकर तय किए गए स्थानों पर जाली लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, ताकि नहर के पानी को दूषित होने से बचाया जा सके।
-शैलेंद्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।
-फोटो 58 : महावीर पार्क के नजदीक स्थित छठ पूजा घाट पर पड़ी गंदगी। संवाद