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बादली को मिला नगरपालिका का तोहफा, विकास का खुलेगा द्वार

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बादली। झज्जर जिले में बादली के नाम से एक नई नगरपालिका बन गई है। प्रदेश सरकार की ओर से मंजूरी के बाद बादली को नगरपालिका बना दिया गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नोटिफिकेशन के आधार पर नई नगरपालिका में बादली के साथ-साथ पाहसौर और माजरा गांव को जोड़ा गया है। सरकार ने नगरपालिका बनाकर बादली, एमपी माजरा और पाहसौर के निवासियों को होली का तोहफा दिया है।
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प्रदेश सरकार के शहरी स्थानीय शहरी निकाय विभाग की ओर से बादली नगरपालिका की सीमा निर्धारित करते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार बादली, एमपी माजरा और पाहसौर को बादली नगरपालिका क्षेत्र में शामिल किया गया है। तीनों गांव झज्जर से दिल्ली को जोड़ने वाले रास्ते पर हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बादली पहुंचकर नगरपालिका बनाने का वादा किया था जिसे अब पूरा किया गया है।
अपेक्षित बादली को मिला महत्व
बादली गांव विकास के मामले में उपेक्षा का शिकार रहा है लेकिन नगरपालिका बनाए जाने से विकास को गति मिलेगी। चार साल पहले बादली को उपमंडल बनाया गया था और अब नगरपालिका से नया ताज मिल गया है। विडंबना थी कि बादली विधानसभा क्षेत्र देश की राजधानी से सटा होने के बावजूद ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए झज्जर व बहादुरगढ़ की ओर देखना पड़ता था।
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कुल मतदाता
बादली सहित नपा में शामिल होने वाले मतदाताओं का आंकड़ा 11 हजार के पार है। माजरा गांव में करीब 350 मतदाता हैं जबकि पाहसौर में करीब 1198 मतदाता हैं। बादली गांव में भी 9 हजार से ज्यादा मतदाता हैं। तीनों गांवों की जनसंख्या पर नजर डाली जाए तो बादली में 14500, पाहसौर में 1500 और माजरा गांव में 500 से ज्यादा है। बादली के सरपंच अमित छनपाड़िया, सतेन्द्र पाहसौर और सुनील माजरा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ का आभार प्रकट किया है।
गांव में हो रहा शहरीकरण
गांव में तेजी के साथ शहरीकरण हो रहा है। सबडिवीजन का दर्जा मिलने के बाद बादली गांव में शहरों की छटा देखने को मिलने लगी थी। जबकि माजरा गांव में पुलिस थाना प्रस्तावित है। पाहसौर गांव में भी बड़ी-बड़ी कंपनियां स्थापित हो चुकी हैं। अब नगरपालिका बनने से तीनों गांवों तेजी के साथ शहरों में तब्दील होते नजर आएंगे।
विधानसभा में उठाया था मुद्दा
विधायक कुलदीप वत्स का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से घोषणा पूरा करने की मांग की थी। अब बादली को नगरपालिका बनने से विकास के रास्ते खुलेंगे। सरकार को चाहिए कि अतिरिक्त बजट का प्रावधान पर बादली क्षेत्र को बढ़ाने का काम करे।
वर्जन
राज्य सरकार ने बादली को ग्राम पंचायत के बजाय अब नगरपालिका का दर्जा देने का फैसला लिया है। इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। नगरपालिका के गठन के बाद बादली और पालिका क्षेत्र में शामिल किए गए एमपी माजरा व पाहसौर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य होंगे।
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- विशाल कुमार, एसडीएम बादली
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