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अनुशासन के कड़े थे बलिदानी कर्ण सिंह: गांव में पड़ गया था डीसी नाम; जोहड़ में सीखी तैराकी, रनिंग में भी थे अव्वल

Wed, 04 Sep 2024 03:45 PM IST
नवीन दलाल रवि हसिजा, झज्जर (हरियाणा)

सार

बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने भी तागे वाले तालाब पर पहुंचकर परिजनों के समक्ष शोक जताया। तालाब पर परिवार के सदस्य और ग्रामीण अंतिम तैयारी को लेकर पहुंचे हुए थे। विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि कर्ण सिर्फ गांव का नहीं बल्कि पूरे देश का लाल था।
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माता-पिता के शहीद कर्ण सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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झज्जर के डावला गांव के शहीद हुए कर्ण सिंह का पार्थिव शरीर वीरवार को गांव पहुंचेगा, जहां तागे वाला तालाब के पास शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद के चाचा धर्मेंद्र ने बताया कि कर्ण बचपन से ही अनुशासनप्रिय था और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहता था। वह परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों को भी मेहनत के लिए प्रेरित करता था।

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कर्ण से प्रेरित होकर परिवार के चार अन्य सदस्य भी सरकारी नौकरी पर लगे। इसी के चलते कर्ण का नाम गांव में डीसी रख दिया गया था। उन्होंने बताया कि कर्ण की 11 साल कि नौकरी हो चुकी थी और चार साल की नौकरी बाकी थी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। वह जब भी गांव में आता तो सभी से अच्छे से बात करता था और सभी लोग उसकी सादगी के कायल थे।
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विधायक नें पहुंचकर जताया शोक
बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने भी तागे वाले तालाब पर पहुंचकर परिजनों के समक्ष शोक जताया। तालाब पर परिवार के सदस्य और ग्रामीण अंतिम तैयारी को लेकर पहुंचे हुए थे। विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि कर्ण सिर्फ गांव का नहीं बल्कि पूरे देश का लाल था। उनकी शहादत पर गर्व हैं। भगवान उनको अपने चरणों में स्थान दे। वही भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के पुत्र आदित्य धनखड़ नें भी तागे वाले तालाब पहुंचकर शोक जाहिर किया और परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी।

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