हैलो! महिला हेल्प लाइन, मैं बरहाणा गांव से विनोद की पत्नी नूतन बोल रही हूं। मुझे न्याय चाहिए। मै अपने बच्चों समेत घर में बने पानी के टैंक में डूबकर अपनी जान दे रही हूं। ये बातें कहकर महिला ने फोन काट दिया। यह फोन रात को ढाई बजे के करीब आया था। पुलिसकर्मी उक्त महिला को कुछ समझाते इससे पहले फोन कट चुका था। इसके तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई। कंट्रोल रूम से डीघल चौकी में सूचना दी गई। डीघल चौकी से एएसआई राजबीर पुलिस टीम के साथ गांव बहराणा की तरफ रवाना हुए। जिस नंबर से फोन आया था उस नंबर पर बार-बार फोन करने पर भी कोई उत्तर नहीं मिल रहा था। बहराणा गांव में पहुंचकर पुलिस ने रात को विनोद का घर तलाशा और वहां जाकर नूतन के बारे में पूछा। तो विनोद ने बताया कि वह उसकी सास के साथ सो रही है। लेकिन नूतन अपने कमरे में नहीं थी और न ही बच्चे थे। तो पुलिसकर्मियों ने घर में बने टैंक के बारे में पूछा। परिजनों ने पानी के टैंक को देखा सब सुन्न रह गए। टैंक में महिला नूतन बेसुध और तीन बच्चे मृत पड़े थे।
शराब ने लील दी परिवार की खुशियां
शराब के झगड़े ने बरहाणा गांव के रामकुवार के परिवार की खुशियों को लील लिया। धुलेंडी के दिन शाम को उसके बेटे विनोद और पुत्रवधू नूतन के बीच हुई मामूली कहासुनी के बाद नूतन इतना बड़ा कदम उठा लेगी ये उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरहाणा के रामकुवार का संयुक्त परिवार हंसी-खुशी रह रहा था। धुलेंडी के दिन रामकुवार का बड़ा बेटा विनोद घर पर शराब पीकर आया। इसके चलते उसकी पत्नी नूतन के बीच उसकी कहासुनी हुई। जब कहासुनी हुई तो घर पर विनोद के पिता रामकुवार और मां सुदेश भी मौजूद थी। पति-पत्नी के बीच हुए इस झगड़े को मामूली समझकर सभी परिवार वाले रात का भोजन करके सो गए। हालांकि नूतन इस झगड़े के बाद जली-भूनी बैठी थी। रात को ढाई बजे के करीब सब गहरी नींद में हैं, तब उसने महिला हेल्प लाइन पर फोन किया और अपनी 5 साल की लड़की मानवी और प्रीति को घर में बने पानी के टैंक में डाल दिया। इसके बाद नूतन स्वयं करीब तीन महीने के लड़के हार्दिक को अपने पेट से बांधकर टैंक में कूद गई।
8 फूट गहरा टैंक, 5 फूट था पानी
घर में बने टैंक की गहराई लगभग 8 फूट है। जिस समय नूतन उस टैंक में कूदी उस समय उसमें 5 फूट तक पानी था। पानी में तैर न पाने की वजह से तीनों बच्चों ने दम तोड़ दिया लेकिन पानी की गहराई कम होने के कारण नूतन बच गई। नूतन ने पानी में डूबने की कोशिश भी की लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। पानी उसके शरीर में जाने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बच्चों ने नहीं खाया तो मैं भी नहीं खाऊंगा खाना
नूतन और विनोद के बीच झगड़े का कारण विनोद का शराब पीना था। परिजनों के अनुसार नूतन ने पति को खाना परोसा तो पति ने पूछा कि बच्चों ने खाया है या नहीं। गुस्से में आकर नूतन ने कहा कि बच्चों ने नहीं खाया। तब इसी बात पर विनोद ने कहा कि जब बच्चे भूखे हैं तो वो भी नहीं खाएगा। शायद यही सब दोनों के बीच विवाद का कारण बना और देखते ही देखते दंपति का परिवार उजड़ गया। लिहाजा विनोद के लिए खाना रात भर उसके बेड के सिरहाने पर रखा रहा। इस हादसे के बाद जब पुलिस ने भी घर में जांच की तो प्लेट में रखा खाना सारे घटनाक्रम को बयां कर रहा था।
20 मार्च को होनी थी ननद पिंकी की शादी
सांपला राजकीय कालेज में पढ़ने वाली रामकुवार की दूसरी बेटी पिंकी की शादी 20 मार्च को होनी है। सभी भाई और पिता मिलकर शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। घर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी और घर में रंग-पेंट का काम भी पूरा हो चुका था। इस हादसे ने शादी की तैयारियों को शोक में बदल दिया है। पिंकी भी हादसे के बाद टूट गई है। जिन भतीजी और भतीजे के साथ वो खेलती थी अब उनकी मौत की सूचना पर वो रोते-रोते कई बार बेहोश हुई। यही हाल उसकी मां सुदेश का बना हुआ है।
देर शाम हुआ अंतिम संस्कार, परिजनों का था बुरा हाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजन और गांव वाले परिवार को शोक व्यक्त करने पहुंचे। तीनों मासूमों का पोस्टमार्टम रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में हुआ। मासूमों के शवों को देख वहां उपस्थित सभी लोगों को हाल बेहाल था। बच्चों की दादी सुदेश और उनकी बुआ पिंकी के हालात देख उन्हें संभलने का ढांढस बंधवाते परिजन स्वयं को ही नहीं संभाल पा रहे थे। इस दर्दनाक मंजर को देख हर ग्रामीण की आंखें नम थी। देर शाम गमगीन माहौल में दो बहनों और उनके पौने तीन महीने के भाई का अंतिम संस्कार हुआ।
संयुक्त परिवार है राजकुमार का
रामकुवार के चार लड़के और दो लड़की हैं और इनमें सबसे बड़ा विनोद है जोकि कुलताना मार्ग पर स्थित चाय पत्ती की फैक्ट्री में कार्य करता है और पार्ट टाइम के तौर पर घर के बाहर बनी दुकान में हेयर सैलून का काम करता है। दूसरे नंबर का लड़का नरेंद्र दुबई में है, तीसरे नंबर का लड़का सुरेंद्र रोहतक पीजीआई में गार्ड है तथा चौथे नंबर वाला लड़का सोमबीर रेलवे में टीटी के पद पर तैनात है। ग्रामीणों की माने तो रामकुवार का सयुंक्त परिवार है और चारों भाई एक इकठ्ठे रहते है।
खेल कोटे से रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत है सोमबीर
सोमबीर के पिता रामकुवार ने बताया कि सोमबीर खेलों में अच्छा प्रदर्शन करता था और राज्य और नेशनल में अच्छा प्रदर्शन करके कई मैडल जीत चुका है और इसी के कारण अब वो रेलवे में खेल कोटे से टीटी के पद पर कार्यरत है।
पुलिस मान रही है घरेलू कलह, महिला के शरीर पर मारपीट के निशान
प्रथमदृष्टया पुलिस इसे घरेलू कलह का मामला मान रही है। हालांकि पीजीआई में भर्ती नूतन अभी बयान देने की हालत में नहीं है। चिकित्सक ने उसे पूरी तरह से अस्वस्थ घोषित किया है। नूतन के शरीर पर कई जगह मारपीट के निशान है। शरीर पर बने काले निशान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब नूतन के बयान के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
डीघल चौकी प्रभारी राजबीर सिंह ने बताया कि नूतन ने स्वयं इस मामले की सूचना पुलिस को दी। अब नूतन की सास एवं मौत का शिकार हुए मासूमों की दादी सुदेश ने तीन मासूम बच्चों को मौत के घाट उतारने और स्वयं आत्महत्या कर जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास करने वाली नूतन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है। प्रारंभिक जांच में मामला शराब के चलते मामूली कहासुनी का नजर आ रहा है। उपचाराधीन नूतन के बयान नहीं लिए जा सके हैं। मामला का पूरा खुलासा नूतन के बयान लिए जाने पर ही हो सकेगा।