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Jhajjar-Bahadurgarh News: घोषणाएं खूब, पर उम्मीदें से दूर

Wed, 24 Jul 2024 07:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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बहादुरगढ़ शहर।
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झज्जर। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 सरकार का पहला बजट पेश किया। बजट में मोबाइल व अन्य कई उत्पादों को जहां सस्ता किया गया है। कुछ उत्पाद महंगे किए गए हैं। किसान, युवा, महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। बजट को लेकर प्रत्येक वर्ग ने अपनी मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। कोई इसे बेहतर बजट बता रहा है तो किसी ने ऊंट के मुंह में जीरा बताया हैै।
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बजट में व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली। ऑनलाइन व्यवस्था के कारण व्यापार ठप है। बजट में हरियाणा को कुछ नहीं मिला। केवल आंध्रप्रदेश और बिहार पर फोकस किया गया है।

राकेश अरोड़ा, व्यापारी
बजट में उद्योगपतियों को पूरी तरह निराशा हाथ लगी। उद्योगपतियों को कुछ देने के बजाय सरकार की ओर से टैक्स का बोझ लाद दिया गया। अब कैपिटल गेन पर साढ़े 12 प्रतिशत टैक्स फिक्स कर दिया है जबकि पहले इंडेक्स के कारण इसमें काफी रियायत मिल जाती थी। सरकार को बहादुरगढ़ में फुटवियर की फैक्टरी में निवेश बढ़ाने के लिए लीज पर या सस्ते दामों पर जमीन मुहैया कराने का ऐलान करना चाहिए था। इससे निवेश बढ़ता।
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-नरिंदर छिकारा, वरिष्ठ उप प्रधान, बीसीसीआई
सरकार ने नहीं रखा किसान का ध्यान

बजट में किसानों को निराशा ही हाथ लगी है। इसमें सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया है लेकिन किसानों को खेतों में पानी तक नहीं पहुचा है। खेत में पानी आज 40 से 45 दिनों में पानी आता है। ऐसे में किसान प्राकृतिक खेती कैसे करेगा। यहां पर धान, बाजार व गेहूं की खेती की जाती है। सरकार दलहन खेती करने के लिए बोल रही है, लेकिन सुविधाएं नहीं है। सरकार को किसान को ध्यान में रखकर बजट बनाना चाहिए था।

राजकुमार, किसान


सरकार का 3 करोड़ नए घर गरीबों के लिए अच्छा कदम है। कैंसर की 3 दवाईयों को कस्टम फ्री करने का लाभ आम लोगो को मिलेगा।। एक करोड़ घरों को सोलर के जरिए 300 यूनिट तक हर महीने बिजली फ्री देने का फैसला भी नये भारत की सोच को दर्शाता है।

मुकुल कौशिक, युवा



बजट में महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं है। न तो घरेलू महिला के लिए जरूरी गैस के रेट तक कम नहीं कि गए। हमारा रसोई का सारा बजट बिगाड़ दिया है। जैसा हमने सोचा था, वैसा कुछ भी नहीं हुआ।
इंदु अरोड़ा, गृहणी

बजट में सरकार से बेरोजगारी को दूर करने के लिए घोषणा किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं हुआ। युवा वर्ग आज बेरोजगारी दूर करने की उम्मीद सरकार से करता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार कोई बड़ी घोषणा करनी चाहिए थी।
लिजा, छात्रा



केंद्र सरकार के बजट में एमएसएमई पर विशेष ध्यान दिया गया। कई योजनाएं लागू की हैं। मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की गई है। अगले तीन वर्षों में सिडबी की भी नई शाखाएं, एमएसएमई क्लस्टर्स खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ई-कामर्स एक्सपोर्ट हब भी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में बनाए जाएंगे। यह बजट भारतीय उद्योग को मजबूत बनाने और देश के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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-नवीन मल्होत्रा, उद्यमी, बहादुरगढ़।
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