झज्जर। झज्जर जिले के सभी विभागों, निगम व बोर्डों सहित अन्य संस्थानों के लिपिक वर्ग के कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे, जिसके चलते प्रशासनिक कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुए। झज्जर सरल केंद्र में प्रतिदिन 50 लाइसेंस बनते थे, लेकिन दो दिन से नहीं बने। इसके अलावा लगभग 60 रजिस्ट्री प्रतिदिन होती थी, वह भी बंद रही। इसी प्रकार से 40 से 50 रिहायशी प्रमाण पत्र प्रतिदिन बनाए जाते थे, वह भी नहीं बन रहे। इस कारण लोगों को वापस जाना पड़ रहा है।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के आह्वान पर लिपिक मंगलवार को दूसरे दिन लघु सचिवालय के सामने धरना देकर बैठे रहे। रिटायर्ड कर्मचारी संघ, आम आदमी पार्टी, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, खापों सहित कई अन्य संगठनों ने भी क्लर्कों की मांगों का समर्थन किया है। दूसरे दिन की हड़ताल की अध्यक्षता कर्मबीर गुलिया व मंच संचालन पूर्व राज्य प्रधान गणेश कुमार ने किया। एसोसिएशन जिला प्रधान मोहित गुलिया ने बताया कि एसोसिएशन की दूसरे दिन लिपिकीय वर्ग अधिक संख्या में हड़ताल पर रहे हैं। लिपिकों की सिर्फ एक ही मांग है कि लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 21700 से बढ़ा कर 35400 किया जाए। दूसरे दिन जिलाभर के अनेक संगठनों ने अपना समर्थन लिपिकों की हड़ताल को दिया। इस अवसर पर हड़ताल पूर्व जिला प्रधान आनंद कुमार, दिनेश कुमार, अरुण, देवेंद्र यादव, रणबीर गुलिया, रमेश जाखड़, राजबीर दहिया, युद्धवीर सिंह धनखड़, महावीर सिंह मलिक, बिल्लू प्रधान, नरेंद्र दलाल ने संबोधित किया।