पीएम नरेंद्र मोदी सोनीपत में पांच नवंबर को केएमपी के पुननिर्माण का शिलान्यास करेंगे। यह केएमपी झज्जर के विकास की भी धुरी बनेगा।
इस एक्सप्रेस वे में 37 किलोमीटर लंबी सड़क से झज्जर की भागीदारी सबसे अधिक होगी। माना जा रहा है कि केएमपी के शुरू होने के बाद झज्जर जिले में विकास की अधिक परियोजनाओं का समावेश होगा।
2330 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह एक्सप्रेस वे हरियाणा से गुजरने वाले प्रमुख राजमार्गों को तो आपस में जोड़ेगा ही साथ-साथ विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका भी अदा करेगा।
लंबे समय से इस परियोजना पर कार्य ठप था, लेकिन वर्तमान सरकार ने हरियाणा के विकास में इस परियोजना से जुड़ी संभावनाओं को देखते हुए इस पर कार्य शुरू की गंभीरता दिखाई।
झज्जर की भागेदारी कुछ इस प्रकार
राष्ट्रीय राजमार्ग एक पर सोनीपत जिले के कुंडली से आरंभ होने वाला यह एक्सप्रेस वे 23.5 किलोमीटर के बाद झज्जर जिले की सीमा में दाखिल होगा।
झज्जर जिले से राष्ट्रीय राजमार्ग 10 को क्रास करते हुए यह मार्ग 37 किलोमीटर के बाद फरूखनगर के समीप से गुड़गांव जिले की सीमा में प्रवेश करेगा।
गुड़गांव जिले में करीब 25 किलोमीटर लंबाई वाली यह सड़क मानेसर के पास दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 8 को क्रास करेगी।
वहीं मानेसर से होते हुए यह एक्सप्रेस वे मेवात जिले के 29 किलोमीटर इलाके से होकर पलवल जिले के भीतर करीब 21 किलोमीटर और दिल्ली-मथुरा-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 से जुड़ेगा।
कृषि क्षेत्र में संभावनाएं प्रबल : धनखड़
कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे इस एक्सप्रेस वे के बनने से इलाके में कृषि क्षेत्र में भी संभावनाएं बढ़ेंगी।
खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित होने से किसानों को उनकी फसल के अच्छे भाव मिल सकेंगे। अनेक सेवाओं के विस्तार से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे इलाके में विकास की गति तेज होगी।
बहादुरगढ़ में विकास में रफ्तार : कौशिक
बहादुरगढ़ से भाजपा विधायक नरेश कौशिक ने बहादुरगढ़ के समीप से होकर गुजरने वाले इस सिक्स लेन एक्सप्रेस वे के बनने से विकास की अनेक परियोजनाएं आरंभ होंगी।
जिससे बहादुरगढ़ हलका भी विकास में ओर तेजी से रफ्तार पकड़ेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया।