टीकरी बॉर्डर पहुंचे दिग्विजय सिंह ।
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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुरुवार को टीकरी बॉर्डर पहुंचे और घंटाभर किसानों के साथ रहे। किसानों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश समेत दूसरे राज्यों के किसान भी जाग गए हैं। दिल्ली के चारों तरफ बैठे किसानों को पीछे हटने की जरूरत नहीं है। केंद्र को तीनों कृषि कानून वापस लेने ही होंगे और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के लिए भी कानून में स्थायी प्रावधान करना होगा।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार देर रात टीकरी बॉर्डर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उनकी पत्नी भी साथ थीं। किसानों के टेंट में बैठकर उन्होंने किसानों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान भी इस आंदोलन में हरियाणा-पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ हैं।
शुक्रवार 15 जनवरी की दोपहर 12 बजे मध्य प्रदेश के लाखों किसान अपने ट्रैक्टरों के हॉर्न बजाकर तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को मुरैना में किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा और 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। कांग्रेस नेता दिग्विजय ने किसानों के साथ करीब एक घंटा बातचीत की और लंगर में किसानों के साथ ही भोजन किया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियां आम आदमी के हक में कभी नहीं रही। यही वजह है कि पूंजीपतियों की मदद के लिए मजदूर विरोधी कानून बनाए हैं। किसानों के बर्बाद होने की भाजपा को जरा भी चिंता नहीं है, इसीलिए मोदी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान चुपके ये तीन कानून लागू कर दिए। अब जनमानस की भावना की कद्र भी सरकार नहीं कर रही।
साठ से अधिक निर्दोष किसानों की जान भी जा चुकी है लेकिन सरकार का दिल नहीं पसीज रहा। सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर है। यह जानते हुए भी देश की सरकार किसानों की कमर तोड़ने पर तुली है। दुनिया में अपने ढंग का इतना लंबा आंदोलन खड़ा करने के लिए उन्होंने पंजाब के किसानों को बधाई दी।