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पूर्व मंत्री कांता देवी ने भाजपा में जतायी आस्था

Sat, 23 Aug 2014 12:01 AM IST
jhjhar, Bhadurgarh
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पूर्व मंत्री कांता देवी ने पांच रोज पूर्व इनेलो का चश्मा उतारने के बाद शुक्रवार को भाजपा का दामन थाम लिया। वे गुड़गांव पहुंची और रामबिलास शर्मा के साथ मुलाकात के बाद भाजपा में शामिल हो गईं।
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यहां लौटने पर उन्होंने अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा में जाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इनेलो ने पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बजाय ऐसे लोगाें को टिकटें बांट दी, जिससे कार्यकर्ता खुश नहीं थे। पहली सूची जारी होने के बाद उन्होंने अपने वर्कर्स के साथ विचार विमर्श किया था और पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था। वर्कर्स की रजामंदी और परामर्श पर उन्होंने भाजपा में जाने का फैसला किया है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री कांता देवी के पिता कर्नल राम प्रकाश दहिया ने हविपा के टिकट पर झज्जर विधानसभा का चुनाव लड़ा था और शपथ ग्रहण समारोह में जाते हुए दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में कांता देवी को उनके पिता की जगह टिकट देकर चौधरी बंसीलाल ने उनके राजनीतिक कॅरिअर की शुरूआत की थी। चुनाव में जीत के साथ ही मंत्री पद भी मिल गया।
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वर्ष 1999 में हविपा सरकार गिरने पर कांता देवी इनेलो में शामिल हुई और तब से ही लगातार इनेलो पार्टी के टिकट पर दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत से दूर ही रही। इस बार विधानसभा चुनाव में इनेलो का टिकट न मिलने का अंदाजा शायद पहले ही लगाने में कामयाब रही। इसके चलते उन्होंने टिकट की घोषणा से पहले ही इनेलो का चश्मा उतार दिया।

अपने निवास पर उन्होंने कहा कि वे पार्टी में अपने समर्थकों के साथ आई हैं और पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करके  काम करेंगी। भाजपा में टिकट मिलने की आस के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे पार्टी में सच्चे सिपाही की तरह काम करेंगी। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेंगी।
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