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जिम की ओपनिंग से एक दिन पहले बुझ गए तीन घरों के चिराग

Fri, 02 Sep 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
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तीन युवकों की करंट से मौत - फोटो : bureau
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दा आयरन हेल्थ जिम की ओपनिंग से एक दिन पहले ही तीन युवकों की करंट से मौत और दो की हालत गंभीर होने की घटना के आसपास की कॉलोनियों से लेकर अस्पताल तक चीख-पुकार मच गई। जो युवक यहां अपने साथी जिम संचालक की मदद के लिए हाथ बंटाने के लिए आए थे, उनके परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। हर कोई अपने लाल के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित दिखा, लेकिन जब पीड़ित लोगों को पता चला कि उनके बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे तो वे बेसुध हो गए। अस्पताल में मौजूद लोग उन्हें किसी तरह से ढांढस बंधाते रहे, लेकिन उनकी आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। 
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जिन तीन युवकों नितिन, रोहित और सागर की मौत हुई है, वे आपस में गहरे दोस्त भी थे। जब भी उन्हें समय मिलता तो वे एक-दूसरे के साथ अपनी बातों को भी शेयर करते रहते थे, लेकिन किस्मत की मार ने उन्हें एक साथ ही इस दुनिया से विदा कर दिया। इस बड़ी घटना से अब तीनों युवकों के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तीनों युवक अभी अविवाहित ही थे, लेकिन वे अपनी पढ़ाई और स्वास्थ्य को लेकर भी ज्यादा ध्यान रखते थे। करंट की चपेट में आकर मौत का ग्रास बने नितिन (20) जोकि यूपी के गाजीपुर का रहने वाला था, अपने पिता जयप्रकाश, मां चंचल और भाई के साथ शास्त्री नगर में किराये के मकान में ही रहता था।

वह दो भाइयों में छोटा था और फिलहाल रोहतक पॉलीटेक्निक सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था। सागर भी अपने बड़े भाई के साथ ही जिम के उद्घाटन को लेकर की जा रही तैयारियों में ही हाथ जुटाने के लिए आया हुआ था, लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था। सागर की करंट से मौत हो गई तो उसका भाई झुलस गया, जोकि एक प्राइवेट अस्पताल में उपचाराधीन है।
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मृतक रोहित भी जटवाड़ा मोहल्ला का रहने वाला था। वह अपने साथियों की मदद से जिम की ओपनिंग की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा था। करंट से झुलसे युवकों में एक श्रमिक भी शामिल है, जिसे जिम का बोर्ड लगवाने में मदद करने के लिए लाया गया। श्रमिक को रोहतक पीजीआई ले जाया गया है, जबकि सुनील का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

बेटे की मौत पर बेहोश हो गई मां
हेल्थ जिम का बोर्ड लगाने के दौरान हुई बड़ी घटना का पता जब किसी परिचित को लगा तो वह काम-धंधा छोड़कर अपनों का हाल-चाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचता दिखा। कुछ ही देर में अस्पताल में लोगों की काफी भीड़ हो गई। हर कोई इस हादसे को कोसता दिखा। एक साथ तीन दोस्तों की मौत से उनके साथी और परिवार के लोगों की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। नितिन की मां का तो रो-रोकर बुरा हाल था। ट्रॉमा सेंटर में किसी तरह उसके बड़े बेटे और अन्य लोगों ने उसे संभाला, लेकिन वह अपने कलेजे के टुकड़े के चले जाने से बार-बार बेसुध हो रही थी। बाद में एक कॉलोनीवासी की कार से उसे किसी तरह घर ले जाया गया। 

निगम से कई बार कर चुके इंसुलेटिड वायर लगाने की मांग
जहां यह बड़ी घटना हुई, वहां से 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजर रही है। इस लाइन केे छूने से तीन घरों के चिराग एक साथ बुझ गए। शास्त्री नगर के लोगों का कहना था कि इन तारों को हटवाने और इनकी जगह इंसुलेटिड वायर लगाने की कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन बिजली निगम ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। पहले भी कई लोगों को करंट लग चुका है। 

पल भर में ही फैली सूचना
जब पांच युवकों के करंट लगने और उनमें से तीन की मौत होने की सूचना पल भर में ही बहादुरगढ़ क्षेत्र में फैल गई। व्हाट्स एप और अन्य सोशल साइट पर लोगों ने इस घटना को लेकर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। कई सामाजिक संगठनों के अलावा जन प्रतिनिधियों ने भी अस्पताल में पहुंचकर मृतक के परिजनों को दिलासा दी तो वहीं घायलों का भी हालचाल जानकर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। 

शुक्रवार को होनी थी ओपनिंग
जिम की शुक्रवार को ओपनिंग थी। इसके लिए पिछले कई दिनों से रोहित, सागर और उसके साथियों की ओर से तैयारियां की जा रही थीं। अपनी बॉडी को ठीक-ठाक और आकर्षक लुक देने के लिए युवाओं में जिम को लेकर अधिक क्रेज रहता है। इसी को लेकर इस नए जिम के संचालन को लेकर तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा था। रोहित, सागर और उसके कई साथी जिम के सामान को सेट करने में लगे हुए थे कि इसी बीच वे बड़े हादसे का शिकार हो गए। जिन उम्मीदों को लेकर वे तैयारियां जोर-शोर से कर रहे थे, वे सभी हादसे के बाद धरी की धरी रह गईं।
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