नगर परिषद बहादुरगढ़ के चुनाव में नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन 14 लोगों ने वापस लिए। इस तरह कुल 31 वार्डों से अब 194 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। बता दें कि नप चुनाव के लिए कुल 209 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। इनमें वार्ड-20 से नरेश रोहिल्ला का नामांकन पत्र न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने के कारण वीरवार की रात को रद्द कर दिया गया।
शुक्रवार की सुबह नाम वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई और दोपहर बाद 3 बजे तक कुल 208 में से 14 नामांकन पत्र शुक्रवार को वापस ले लिए गए। वार्ड-13 से प्रीत विहार निवासी बिमला ने अपना नाम वापस ले लिया। बिमला ने कहा कि उन्होंने अपनी देवरानी सीमा राठी की कवरिंग कैंडिडेट के रूप में नामांकन किए थे। अब सीमा का नामांकन पत्र मंजूर हो जाने पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है। इसी तरह वार्ड-15 से भगत सिंह कॉलोनी के निवासी संदीप और जटवाड़ा मोहल्ला के मंदीप और दीपक राठी ने अपने नामांकन पत्र विड्रा कर लिए। नप के पिछले बोर्ड में वार्ड-24 से पार्षद रहे इमली वाली गली के निवासी धर्मेंद्र वत्स ने 16 व 24 दोनों वार्डों से अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने वार्ड-16 में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक शर्मा और वार्ड-24 में अपनी पत्नी रेखा वत्स के कवरिंग कैंडिडेट के तौर पर नामांकन किए थे। वार्ड-24 से शंकरदास गिरधर भी चुनाव मैदान से हट गए हैं।
वार्ड-20 से अशोक नगर निवासी फूल कंवार और इंदिरा कालोनी निवासी नरेंद्र ने नाम वापस लिया है। फूल कंवार अपने बड़े भाई धर्मवीर वर्मा के कवरिंग कैंडिडेट थे। वार्ड-23 से आदर्श नगर की मनीषा, 29 से सेक्टर-6 की कमला राठी, 18 से धर्मविहार की इंदरावती छिल्लर, 30 से सेक्टर-6 के आकाश राठी और वार्ड-7 से आवेदन कर चुके वत्स कालोनी निवासी प्रदीप कुमार ने भी चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।
नप चुनाव पर्यवेक्षक ने ली अधिकारियों की बैठक
नगर परिषद बहादुरगढ़ के 22 मई को होने वाले चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त किए गए चुनाव पर्यवेक्षक शेखर विद्यार्थी, आईएएस ने शुक्रवार को नगर परिषद् कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न हो, ऐसे में संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन बेहतर ढंग से करें। बैठक में विद्यार्थी ने नप के निर्वाचन अधिकारी एवं आरटीए सचिव विक्रम मलिक तथा एसडीएम प्रदीप कौशिक के साथ चुनावी प्रक्रिया को शांतिप्रिय ढंग से संपन्न कराने के लिए रूपरेखा तैयार की गई। उन्होंने कहा कि 22 मई को होने वाले चुनाव में किसी भी रूप से कानून की अवहेलना करने वालों को कतई भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में बने मतदान केंद्रों पर पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगा और शांतिप्रिय ढंग से मतदान कराने के लिए प्रशासन सजग है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।
उगते सूरज की रही सबसे ज्यादा डिमांड
नगर परिषद के चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। शुक्रवार को उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न मिल गए। सबसे अधिक डिमांड उगते सूरज के निशान की रही, जबकि कुछ निशान विशेष पर उम्मीदवारों ने विशेष रुचि दिखाई। आगामी 22 मई को नगर परिषद के चुनाव हैं। शहर के कुल 31 वार्डों में 194 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। शुक्रवार को इन उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करने की प्रक्रिया चली। चुनाव चिह्न लेने को लेकर उम्मीदवारों में बेहद उत्साह था। अपनी-अपनी रुचि के मुताबिक उम्मीदवारों ने चिह्नों को प्राथमिकता दी थी। किसी को मनपंसद मिला तो किसी को नहीं मिल पाया। उगता सूरज, साइकिल, तीर-कमान, कांच, ग्लास और गैस सिलेंडर सहित कुल 47 निशानों में से उम्मीदारों को चुनाव चिह्न मिले। किसी को टेलीविजन मिला तो किसी को स्कूटर। सबसे अधिक डिमांड तो उदयमान सूरज के निशान की रही। चुनाव चिह्न के रूप में कार और जीप को पहली प्राथमिकता देने वाले भी काफी रहे।
इन निशान विशेषों पर दिखाई रुचि
कुछ निशान विशेषों पर उम्मीदवारों ने विशेष रुचि दिखाई। शहर के एक वार्ड से चुनाव लड़ रहे वजीर राठी ने स्कूटर (टू-व्हीलर) को प्रथम प्राथमिकता थी, उन्हें स्कूटर का निशान मिल गया। दिलचस्प बात ये कि पिछले चुनाव में वजीर राठी ने यह चिह्न लेकर जीत का स्कूटर चलाया था। वजीर राठी हमेशा टू-व्हीलर यानी स्कूटर ही चलाते हैं। लाइनपार क्षेत्र के एक वार्ड चुनाव लड़ने जा रहे जयभगवान ने टोप में रुचि दिखाई। उनको भी यह निशान मिल गया। जय भगवान हमेशा टोप पहने ही दिखाई देते हैं। लाइनपार क्षेत्र के एक वार्ड में पार्षद रह चुके दिनेश नागर व उनकी पत्नी इस बार अलग-अलग दो वार्डों से चुनाव लड़ेंगे। दोनों ने ही साइकिल चिह्न को पहली प्राथमिकता दी थी। दोनों को ही यह निशान मिल गया।
यातायात प्रभावित
नगर परिषद में रात तक चुनाव चिह्न देने की प्रक्रिया जारी रही। इस दौरान नगर परिषद कार्यालय में भीतर उम्मीदवारों व उनके समर्थकों और बाहर वाहनों की भीड़ लगी रही। इस कारण रोहतक रोड पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। शाम के वक्त तो जाम जैसे हालात पैदा हो गए। रोहतक की ओर जाने वाले अधिकांश चालक तो झज्जर मोड़ से होकर बाइपास से निकल दिए।