आशा वर्कर यूनियन ब्लॉक बहादुरगढ़ की मीटिंग देवीलाल पार्क में अनीता की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में उपस्थित सभी आशा वर्कर्स ने सरकार की नीतियों के प्रति विरोध व्यक्त किया।
राज्य प्रधान प्रवेश व सचिव अनीता ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार आशा वर्कर्स के साथ दोगला व्यवहार कर रही है। कोरोना महामारी में फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में काम कर रही आशा वर्कर्स का कोरोना महामारी का मानदेय जुलाई महीने से बंद कर दिया गया है। बढ़ती महंगाई के साथ मानदेय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए परंतु सरकार कटौती कर रही है। प्रवेश ने कहा कि जिला प्रशासन आशा वर्कर्स के मानदेय की अदायगी की जानकारी भी आशा वर्कर्स को नहीं दे रहा। लंबे समय से झज्जर में आशा वर्कर्स के मानदेय का हिसाब किताब लिखित में पीएचसी वाइज आशाओं को बताया जाना चाहिए। यह पीएचसी स्तर पर अधिकारियों की अनदेखी है। कई पीएचसी अधिकारियों ने कोरोना महामारी के टीकाकरण के टारगेट को पूरा न होने के गुस्से में आशा वर्कर के मानदेय रोके हैं। जो कि अमानवीय कार्य है।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर अनेक समस्याओं का सामना कर रही आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग के इस रवैये से परेशान हैं। इससे परेशान होकर आशा वर्कर्स ने आंदोलन का निर्णय लिया है। सीटू के आह्वान पर 9 अगस्त को तमाम आशा वर्कर आंदोलन करेंगी। जिला प्रधान कविता, उप प्रधान पूनम डाबोदा, सीटू उप प्रधान मुकेश मोरखी, सीटू नेता दिनेश रंगा, मीनाक्षी रानी, सुदेश व अनीता आदि ने भी इस मौके पर अपने विचार व्यक्त किए।