सेमीफाइनल में दीपक का मैच देखते पिता, बहन व गुरु।
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गांव छारा के दीपक पूनिया 86 किलो भार वर्ग के सेमीफाइनल में खूब लड़े। वहीं दीपक के पहले अखाड़े लाला दीवाचंद योग एवं व्यायामशाला में सुबह सभी पहलवानों ने गायत्री मंत्र का उच्चारण करके दीपक की जीत के लिए प्रार्थना की। कोच आर्य वीरेंद्र ने अपने घर में यज्ञ किया। स्टार पहलवान दीपक पूनिया ने अपने देश की उम्मीदों को लेकर अपना मैच शुरू किया। भरपूर जोश और अनुभव के साथ 86 किलो भारवर्ग में खेलने उतरे इस धुरंधर ने पहले मुकाबले में नाइजीरिया के पहलवान एकरेकेमे एगियोमोर को 12-1 से हरा एकतरफा जीत हासिल की। चीन के लिन जुशेन को दीपक ने 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। जहां उनका मुकाबला यूएसए के डेविड मॉरिस टेलर से हुआ।
वीरवार को कांस्य पदक ही जीत कर लौटेगा
दीपक भले ही सेमीफाइनल में हार गया हो, लेकिन वह ओलंपिक में वीरवार को होने वाले कांस्य पदक के मुकाबले को जीतकर ही लौटेगा। देश की जनता की दुआएं साथ हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि बेटे साथ मेरी और उसकी मां की मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी।
सुभाष पूनिया, दीपक के पिता
अभी तो यह शुरुआत है, बहुत आगे तक जाएगा दीपक
ओलंपिक के लायक दीपक का खेल अभी शुरू ही हुआ है। फिर भी उसने बहुत अच्छा मुकाबला किया। एक बार वह मैच में रवि दहिया की तरह उलझ गया, फिर भी टेलर की पकड़ से निकलने में कामयाब रहा। कुशल प्रशिक्षण, मेहनत और अनुभव उसको निश्चित रूप से सफलता देता। हमारा यह पहलवान आज पूरे देश का लाडला है।
- आर्य वीरेंद्र, दीपक के कुश्ती गुरु