नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। ढांसा बॉर्डर पर जहां किसानों धरना चल रहा है। वहीं दिल्ली में किसान संसद के लिए किसान पहुंच रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को भी कई किसान सिंघु बॉर्डर रवाना हुए जहां से वे किसान संसद के लिए दिल्ली गए।
ढांसा बॉर्डर से रवाना होने से पहले किसान नेता सरजीत गुलिया ने कहा कि केंद्र सरकार पर किसानों का विश्वास नहीं हैं। इस वजह से किसान अब संसद पास अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। विपक्ष को भी सदन में किसानों की आवाज बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र तक किसान संसद के बाहर बैठेंगे और अपनी अलग संसद चलाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी मुहिम सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है, संसद से लेकर सड़क तक ये लड़ाई जारी रहेगी। ढांसा बॉर्डर से बस में बैठकर किसानों का जत्था रवाना हुआ।
किसानों को जारी किए विशेष कार्ड
गुलिया खाप के प्रधान विनोद बादली ने उन्हें रवाना किया और कहा कि दिल्ली जाने वाले किसानों को विशेष कार्ड जारी किए गए हैं। इस अवसर पर किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, दलजीत सिंह, हिम्मल पहलवान, बेदन ठेकेदार, धर्मेंद्र सुरहेड़ा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।