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126.7 एमएम बारिश से घरों और दुकानों में पानी भरा, लोग परेशान

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पुराने बस स्टैंड रोड पर भरे पानी के बीच से निकलते वाहन चालक व राहगीर। संवाद - फोटो : Jhjhar
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मौसम विभाग की तरफ से येलो अलर्ट जारी करने के बाद सोमवार को आसमान में छाए बादल जमकर बरसे। जिले में सुबह आठ से शाम चार बजे तक 126.7 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि झज्जर क्षेत्र में 119 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से शहर पूरी तरह से जलमग्न हो गया। एक बार तो नजारा ऐसा बन गया था कि जैसे सड़कों पर नहीं किसी नहर में पानी बह रहा हो। शाम को करीब सात बजे सड़कों व गलियों से पानी का स्तर कम होने लग गया। चालक पानी के अंदर बंद हुए वाहनों को धक्का मारते दिखाई दिए।
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शहर के कई मोहल्लों में मकान व दुकान सड़कों से नीचे होने के कारण घरों व दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। लोग बाल्टियों से पानी निकालते दिखाई दिए। साल्हावास क्षेत्र के मुंडाहेड़ा गांव में काफी घरों में पानी घुस गया है। सिलानी गांव में ईश्वर लोहार के मकान में व आसपास में पानी भरने से की वजर से घर से निकलने तक का रास्ता नहीं बचा है। शहर के बाहरी क्षेत्र में झुग्गी व झोंपड़ियों में रहने वाले लोगों की झोपड़ियों में भी पानी भर गया है।
दिन में भी रात जैसे हो गए हालात
सोमवार की सुबह जब बारिश का दौर शुरू हुआ तो एक दम में आसमान में काली घटाएं छा गई। दिन के समय भी रात जैसा माहौल हो गया और वाहन चालकों को लाइटें जला कर सड़कों से गुजरना पड़ा। कुछ देर बाद ही बारिश का दौर शुरू हो गया जो शाम करीब छह बजे तक निरंतर चलता रहा कभी तेज तो कभी हल्की बूंदाबांदी होती रही।
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सरकारी भवन भी नहीं रहे अछूते
शहर के भगत सिंह चौक पर स्थित मार्केटिंग सोसायटी के खाद-बीज बिक्री केंद्र में पानी भरने के कारण बेचने के लिए रखे गए 53 बैग पशुओं की खल, 150 बैग डीएपी व 100 बैग यूरिया खाद खराब हो गया है। स्टोरकीपर सुनील कुमार का कहना है कि सुबह से बारिश के पानी को बाल्टियों व मोटर लगाकर निकाल रहे हैं, लेकिन बिक्री केंद्र सड़क से नीचा होने के कारण पानी वापस भर रहा है।
कहां कितनी बारिश हुई, सुबह आठ बजे से शाम 4 बजे तक
क्षेत्र बारिश
झज्जर 119 एमएम
साल्हावास 155 एमएम
बेरी 49.5 एमएम
मातनहेल 170 एमएम
बहादुरगढ़ 195 एमएम
बादली 72.2 एमएम
जिस गांव से भी पानी निकासी के लिए पंपों की डिमांड आ रही है। वहां पर पंप सेट भेजकर पानी निकासी की व्यवस्था करवाई जा रही है।
- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।
शहर में बारिश के पानी की निकासी कुछ समय में ही हो जाती है। अधिक बारिश होने के कारण एक बार शहर में पानी भरता है, लेकिन तीन से चार घंटे बाद पानी की निकासी हो जाती है।
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- अरूण नांदल, ईओ, नगर परिषद, झज्जर।
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