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22 घंटे बाद एनसीआर माइनर में मिला दिल्ली के किशोर का शव

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किशोर की तलाश में जुटे एनडीआरएफ के जवान। - फोटो : Bahadurgarh
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एनसीआर माइनर में शुक्रवार को डूबे नजफगढ़ के किशोर का शव रविवार शाम को झाड़ियों में मिला। दो दिन करीब 22 घंटे चले तलाशी अभियान में गाजियाबाद सेंटर से आई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) की टीम और गोताखोरों ने कड़ी मेहनत की। किशोर अपने तीन दोस्तों के साथ नहर में नहाने के लिए उतरा था।
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शनिवार के अलावा रविवार को भी पूरा दिन रेस्क्यू अभियान जारी रहा। गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की टीम जुटी रही। नजफगढ़ के पास दीनपुर का रहने वाला निखिल (16) पुत्र अनिल व उसके तीन दोस्त शुक्रवार की देर शाम माइनर में नहाने आए थे। चारों ने बादली पुलिस थाने के सामने कुछ ही दूरी पर माइनर में नहाने का मन बनाया। नहाने के लिए चारों माइनर में उतर गए। जब तीनों दोस्तों ने निखिल को डूबते हुए देखा तो हाथ पांव फूल गए और मौके से वापिस घर भाग गए। तीनों ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों और पुलिस ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब 11 घंटे शनिवार को और इतना ही समय तक रविवार को निखिल की नहर में रस्सी की मदद से तलाश की गई। तीन किश्तियों की मदद से एनडीआरफ के 14 जवान तलाश में लगे रहे। बचाव कर्मियों को रविवार शाम करीब सात बजे नहर में किशोर का शव झाड़ियों में उलझा मिला। थाना प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि निखिल का शव नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ के शव गृह में रखवाया गया है, जहां सोमवार को पोस्टमार्टम होगा।
स्वीमिंग पूल बंद होने से एनसीआर माइनर बनी पसंद
दिल्ली के युवाओं पर माइनर में नहाने का शौक चढ़ा है। गर्मी में नहाने के लिए उनकी पहली पसंद एनसीआर माइनर बनी है। कोरोना काल के चलते अभी स्वीमिंग पूल बंद हैं। ऐसे में उन्हें गर्मी में माइनर ही नजर आ रही है। दिल्ली के युवाओं को एनसीआर माइनर की गहराई और पानी के बहाव की जानकारी नहीं होती। बिना जानकारी के माइनर में उतरना उनके लिए मौत को निमंत्रण देने के समान साबित होता है। इतना ही नहीं उन्हें तो आए दिन होने वाले हादसों की जानकारी भी नहीं है। ऐसे में एनसीआर माइनर में दिनों दिन हादसे बढ़ रहे हैं।
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पिछले माह डूबने से हुई थी दिल्ली के तीन युवाओं की मौत
जुलाई माह में दिल्ली के तीन युवाओं की माइनर में नहाते समय मौत हुई थी। डूबने वालों में दिल्ली के रावता, ढांसा और नजफगढ़ के युवक थे। पिछले वर्ष जून माह में नजफगढ़ के दो दोस्तों की माइनर में डूबने से मौत हुई थी। सभी हादसे युवाओं पर नहाने का शौक चढ़ने के चलते हुए। पुलिस ने भी माइनर में नहाने वालों पर रोक लगाने का प्रयास भी किया, पर कोई फायदा नहीं हुआ।
लगाए जाएंगे सावधानी बोर्ड
जिला उपायुक्त ने माइनर पर धारा 144 लगाई है। माइनर में नहाने वालों को बार-बार आगाह किया जाता है। मगर युवा माइनर में नहाने से बाज नहीं आ रहे। कई जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। अब युवाओं ने सड़क से हटकर नहाना शुरू कर दिया है। अधिकतर युवा दिल्ली से नहाने के लिए आते हैं। माइनर पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।
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- बाबूलाल, एसएचओ बादली
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