रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले झज्जर स्थित श्री प्राचीन रामलीला ग्राउंड में पहुंच गए।
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हरियाणा के झज्जर में दशहरा पर्व की तैयारी तेज हो गई है। श्री प्राचीन रामलीला कमेटी द्वारा दशहरा उत्सव का आयोजन रामलीला मैदान में किया जाएगा। रावण का पुतला 51 फीट का होगा जबकि मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों की ऊंचाई 41-41 फीट रखी गई है। रोहतक में तैयार कराए गए पुतले यहां पहुंच गए हैं। इस बार दशहरे आयोजन के मुख्यातिथि राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा होंगे, जबकि विधायक गीता भुक्कल, संत सुरेहती, एडवोकेट विकास अहलावत, हरेंद्र सिलाना भी भाग लेंगे।
रामलीला कमेटी ने ये पुतले रोहतक निवासी अनिल व उनकी टीम से तैयार किए गए हैं। कमेटी की ओर से बताया गया कि इस बार विजय दशमी पर पुतलों के दहन का समय शाम साढ़े 5 बजे रखा गया है। कार्यक्रम की शुरुआत 5 बजे कर दी जाएगी। रविवार को रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले झज्जर स्थित श्री प्राचीन रामलीला ग्राउंड में पहुंच गए। यहां पर इनके सभी अंग अलग-अलग कर लाए गए हैं, जहां सोमवार को इनको जोड़कर खड़ा किया जाएगा।
ग्रीन पटाखों से होगी आतिशबाजी, 20 प्रतिशत बढ़ गया बजट
प्रदूषण के चलते इस बार ग्रीन पटाखों से आतिशबाजी की जाएगी। इस बार पुतलों में ग्रीन पटाखे डाले गए हैं। ग्रीन पटाखों से प्रदूषण कम फैलता है। प्रधान आजाद दीवान ने बताया कि इस बार ग्रीन पटाखों का प्रयोग किया जाएगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार 20 प्रतिशत तक बजट बढ़ गया है।
कोरोना काल में खुद बनाए थे पुतले
प्रधान आजाद दीवान ने बताया कि 250 साल से चली आ रही परंपरा को आज तक बंद नहीं होन दिया गया है। कोरोना काल के दौरान भी सदस्यों ने खुद पुतले तैयार कर विजयदशमी का त्यौहार मनाया था। उन्होंने बताया कि मुगल काल से यह परंपरा चली आ रही है और हर साल शोभा यात्रा निकाली जाती है। उन्होंने बताया कि विजय दशमी के बाद 25 अक्तूबर को भगवान श्री राम, सीमा एवं लक्ष्मण सहित अयोध्या प्रस्थान कार्यक्रम, भरत मिलाप, रात को राम परिवार की सुंदर सवारी निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले 65 साल से एक ही रथ पर यह सवारी निकाली जा रही है। इसके बाद अगले दिन 26 अक्तूबर को भगवान श्रीराम का राजतिलक किया जाएगा।