दुलीना जेल में कैदियों के दो गुट भिड़ने के चलते मर्डर के मामले में सजा काट रहा एक कैदी घायल हो गया। जिसे घायलावस्था में झज्जर के सामान्य अस्पताल में लाया गया, जहां उपचार के बाद पुलिस कर्मी उसे वापस जेल ले गए।
जेल से घायल होकर अस्पताल में आए कैदी नरेंद्र ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि जेल में कुछ कैदियों ने मिलकर उसकी हत्या का प्रयास किया है। जबकि पीड़ित के भाई विरेंद्र इस समय पर 42 दिन के पैरोल पर है, जिसने झज्जर थाना प्रभारी से मुलाकात की। झज्जर थाना प्रभारी ने उन्हें मामला जेल प्रशासन का बताकर थाने से भेज दिया। वहीं, जेल प्रशासन मामले को आत्महत्या का मामला बता रहा है। जेल प्रशासन के अनुसार नरेंद्र मानसिक तौर पर परेशान है। जिसका इलाज भी चल रहा है। मानसिक परेशानी के चलते नरेंद्र ने सरियों में सिर मारकर आत्महत्या का प्रयास किया था। जिससे वह जख्मी हो गया और गार्द उसको उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में लेकर गई। जहां इलाज के बाद उसे वापस दुलीना जेल में भेज दिया है।
तीन दिन पूर्व भी हुआ था हत्या का प्रयास
घायल नरेंद्र के भाई विरेंद्र ने आरोप लगाया है कि तीन दिन पहले भी जेल में कुछ बदमाशों ने जेल प्रशासन के साथ मिलीभगत करके उसकी भाई का गमछे से गला घोंटकर हत्या का प्रयास किया था। जिसमें एक पुलिसकर्मी ने समय रहते मामला संभाल लिया था। अगर पुलिस कर्मी मौके पर नहीं पहुंचता तो शायद वह मर चुका होता। विरेंद्र ने आरोप लगाया कि जेल मेें कुछ बदमाश जेल प्रशासन की शह पर उनकी जान के पीछे पड़े हैं।
मामले की चल रही है जांच : मंदौला
कैदी नरेंद्र ने वीरवार को सरियों पर सिर पटकर आत्महत्या का प्रयास किया था। जिसकी शिकायत झज्जर थाना में दर्ज करवा दी है। तीन दिन पूर्व हमले का मामला उनके ज्वाइन करने से पहले का है। जिसकी जांच करवाई जा रही है। जांच में अगर कोई जेल का कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दयानंद मंदौला, जेल अधीक्षक, दुलीना जेल।