यूपीएससी की परीक्षा परिणाम में दयानंद नगर निवासी डॉ. प्रदीप रोहिल्ला ने भी सफलता अर्जित की। उन्होंने 889वीं रैंक पाई। उनकी इस कामयाबी पर परिवार, पड़ोस और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है। हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने परिजनों और पत्नी के पूर्ण सहयोग को दिया।
फिलहाल वह रोहतक स्थित इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर के तौर पर कार्यरत हैं। भिवानी जिले के गांव चिड़िया निवासी डॉ. रघुबीर सिंह के बड़े बेटे डॉ. प्रदीप ने अपने चौथे प्रयास में यह सफलता पाई।
उनके पिता चिकित्सा सेवाओं से जुड़े हैं तो मां मोहिनी देवी गृहिणी हैं। हर कदम पर उन्होंने उसका मनोबल बढ़ाया। प्रदीप की शादी सुनीता से करीब सात साल पहले हुई थी।
उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी इशिका तो बेटा सार्थक है। वहीं छोटा भाई संजय एक प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान में सेंटर हेड के तौर पर कार्यरत है।
डॉ. प्रदीप ने बताया कि उसने मैट्रिक की परीक्षा 1996 में खरड़ अलीपुर हिसार से की। बारहवीं 1998 में पास की। इसके बाद हिसार के राजकीय महाविद्यालय से बीएससी नॉन मेडिकल से उत्तीर्ण की।
जीजेयू हिसार से मेथेमेटिक्स से एमएससी की। बीएड 2005 में की। इसके बाद उनका चयन मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में एसओ के पद पर हो गया, लेकिन बाद में उन्होंने इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के लिए परीक्षा दी तो उसमें भी सफलता हाथ लगी।
फिलहाल वे इसी विभाग की इनवेस्टिगेशन विंग में इंस्पेक्टर के तौर पर कार्यरत हैं। एमएड एमडीयू से, एमफिल चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय से, वर्ष 2012 में एजुकेशन ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से पीएचडी की।
यह डिग्री चित्रकूट विश्वविद्यालय से हासिल की। यही नहीं उन्होंने तीन विषयों में एचटेट की परीक्षा भी पास की हुई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में ज्वाइनिंग से पहले हिसार के सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन में लेक्चरर भी रहे हैं।
डॉ. प्रदीप के पिता डा. रघुबीर सिंह, माता मोहिनी देवी, मामा एडवोकेट जितेंद्र, मौसी कमलेश, पत्नी सुनीता ने बताया कि वह पांच घंटे हर रोज यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करते रहे, जिसके बदौलत ही उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।