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बेसहारा पशुओं के मामले में नगर परिषद ने कोर्ट में जवाब देने को मांगा 29 सितंबर तक का समय

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बहादुरगढ़। क्षेत्र में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को हटाने के लिए सामाजिक लोगों द्वारा बहादुरगढ़ अदालत में दायर किए गए केस को लेकर वीरवार को सुनवाई हुई। इसमें नगर परिषद के अधिकारियों ने अपना जवाब देने के लिए 29 सितंबर तक का समय मांगा है। उधर, नगर परिषद प्रशासन ने बेसहारा पशुओं के साथ-साथ एक हजार बंदरों को पकड़ने के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है।
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सेक्टर-6 निवासी महिपाल गुलिया व जटवाड़ा मोहल्ला निवासी योगेंद्र ने नगर परिषद व स्थानीय प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो अदालत में केस दायर करना पड़ा। महिपाल ने बताया कि बेसहारा पशु न केवल सड़कों पर बल्कि क्षेत्र में जगह-जगह गलियों, मोहल्लों में भी बैठे रहते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को हादसे का डर सताता है। उन्होंने बताया कि वीरवार को अदालत में केस की सुनवाई थी। इस दौरान नगर परिषद के अधिकारी पहुंचे और उन्होंने अदालत से समय दिए जाने की मांग की। उनके अनुरोध पर अदालत की ओर से नगर परिषद को जवाब दाखिल करने के लिए 29 सितंबर का समय दिया गया है। वहीं, नगर परिषद अधिकारियों ने बहादुरगढ़ बाईपास पर सेक्टर-9 के नजदीक नप की खाली पड़ी करीब 6 एकड़ जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया गया है। इस कब्जे को छुड़ाने के लिए नगर परिषद ने उपायुक्त से पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की है। अधिकारियों का तर्क है कि यदि परिषद को अपनी जमीन पर कब्जा मिलता है तो यहां पर नंदीशाला बनाकर बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा।
बहादुरगढ़ बाईपास पर खाली पड़ी नगर परिषद की 6 एकड़ जमीन का कब्जा छुड़ाया जाएगा। इसके बाद नंदीशाला का निर्माण करते हुए बेसहारा पशुओं को यहां रखा जाएगा।
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-अतर सिंह, ईओ नगर परिषद
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