गांव तलाव के लोगों ने रविवार की रात को डीसी आवास के पर पहुंच मतगणना में धांधली के आरोप लगाते हुए रोष जताया। ग्रामीणों ने दावा किया कि मतगणना बंद कमरे में की गई, इस दौरान न तो एजेंट को लिया गया न ही प्रत्याशी को। अपने हिसाब से ही विजेता की घोषणा पोलिंग पार्टी ने कर दी।
रोष को देखते हुए डीसी ने दोबारा मतगणना के आदेश दिए। इस बीच कुछ लोग तो रात को दोबारा मतगणना के लिए गांव चले गए, जबकि अन्य ने डीसी आवास के बाहर ही डेरा डाल लिया।
जानकारी के अनुसार गांव तलाव में हुए पंचायत चुनाव में मंजीत को गांव का सरपंच चुना गया है। गांव में तीन प्रत्याशी थे। देर रात एक प्रत्याशी मनवीर के समर्थन में ग्रामीण डीसी आवास पहुंच गए। डीसी अनीता यादव ने पंचायत के कुछ लोगों को अंदर बुलाकर उनकी समस्या सुनी। ग्रामीणों ने बताया कि मतगणना मेें पोलिंग पार्टी ने सभी एजेंटों व प्रत्याशियों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद मनजीत को सरपंच घोषित किया गया।
परिणाम पर न तो किसी एजेंट के हस्ताक्षर हैं और न ही प्रत्याशी के। ग्रामीणों ने डीसी को बताया कि पहले तो मनजीत को 316 वोट, फिर 118, फिर 5 और अंत में 311 वोटों से विजयी घोषित किया गया। डीसी ने ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद डीडीपीओ विशाल को बुलाया और दोबारा मतगणना के निर्देश दिए। इसके बाद कुछ ग्रामीण तो मतगणना के लिए गांव लौट गए, लेकिन 100 के करीब व्यक्तियों ने डीसी आवास के बाहर ही डेरा जमा लिया। देर रात तक ग्रामीण वहीं बैठे थे।
महिला प्रत्याशी से मारपीट का आरोप
झज्जर। मतगणना के बाद गांव रायपुर में एक महिला प्रत्याशी बबिता के साथ मारपीट की गई। महिला ने बताया कि वह सरपंच प्रत्याशी थी। परिणाम घोषित हुए तो वह हार गई। इस बीच गांव के ही कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। उसके हाथ पर चोट आई है।