हरियाणा में टिकट वितरण के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में बगावत के सुर थमने का नाम नहीं ले रहे। टिकट न मिलने से नाराज एक के बाद एक नेता या तो पार्टी बदल रहा है या फिर अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने का एलान कर रहा है।
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जिले की बेरी विधानसभा सीट पर भी कुछ ऐसा ही आलम है। संजय कबलाना को बीजेपी का टिकट मिलने पर उन्हें बाहरी बताकर बगावती तेवर दिखाई दे रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को गांव डीघल की पुरानी गौशाला में अहलावत खाप व हलके के 36 बिरादरी के लोगों की पंचायत हुई। पंचायत की अध्यक्षता अहलावत खाप के प्रधान जयसिंह ने की।
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अहलावत खाप के सदस्य गांव डीघल निवासी अमित अहलावत ने विधानसभा बेरी से बीजेपी के टिकट पर दावेदारी जताई थी, लेकिन पार्टी ने अमित अहलावत को टिकट न देकर संजय कबलाना को मैदान में उतार दिया।
उसके बाद अमित अहलावत ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पार्टी की तरफ दिए पद किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष से अलविदा कह दिया था और रविवार को पुरानी गौशाला में खाप व हलके की पंचायत करने का फैसला लिया था।
रविवार को हुई पंचायत में सहमति बनाई गई कि अमित अहलावत पार्टी में पिछले काफी समय से मेहनत कर रहे थे और पार्टी ने टिकट काट दिया। पंचायत ने अमित अहलावत को बेरी विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़वाने का निर्णय लिया। चुनाव लड़ने की हुंकार के बाद अमित अहलावत ने बताया कि वह 10 सितंबर को अपने समर्थकों के साथ बेरी विधानसभा से निर्दलीय नामांकन करेंगे।