हरियाणा में कोरोना के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार सुबह हरियाणा पुलिस के डीएसपी अशोक कुमार का कोरोना से निधन हो गया। वर्तमान में जिला झज्जर में तैनात डीएसपी अशोक कुमार को पिछले दिनों कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद एम्स बाढ़सा में एडमिट कराया गया था।
यहां सोमवार 26 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। डीएसपी अशोक कुमार के निधन के बाद से पूरे झज्जर पुलिस विभाग में शोक की लहर है। वे झज्जर जिला के बादली में डीएसपी के पद पर तैनात थे। डीएसपी अशोक कुमार का जन्म 6 जून 1971 को गांव थाना खुर्द जिला सोनीपत में हुआ था। वे 18 अप्रैल 1994 को बतौर सहायक उपनिरीक्षक के तौर पर हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। 07 फरवरी 2019 को वे डीएसपी के पद पर पदोन्नत हुए थे। वे हरियाणा के कई जिलों में तैनात रहे थे। वर्तमान में वह थाना बादली तथा थाना सदर बहादुरगढ़ के पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे।
गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर कहर बनकर टूट रही है महामारी
हरियाणा में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर कोरोना काल बनकर टूट रहा है। अध्ययन में सामने आया है कि अब तक कोरोना से मरने वाले कुल लोगों में से 85 प्रतिशत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। वहीं 15 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त नहीं थे पर कोरोना ने उनकी जान ले ली। मरने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से लगभग दोगुना अधिक है। अब तक 2490 पुरुषों की कोरोना से मौत हो चुकी है, वहीं 1276 महिलाओं की जान गई है। खास बात ये है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार और करनाल जिलों में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 25 अप्रैल तक कुल 3767 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें 3202 ऐसे लोग हैं, जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे। इनमें हृदय, किडनी, शुगर, बीपी और कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियां हैं। सांस रोग विशेषज्ञ डा. अभिनव डागर ने बताया कि शुरुआत से ही कोरोना गंभीर मरीजों पर भारी है। अध्ययन में ये साफ हो गया कि सामान्य व्यक्ति के मुकाबले पहले से ही बीमार व्यक्ति को कोरोना आसानी से लपेटे में लेता है। इसलिए ऐसे मरीजों को संक्रमण से बचाना जरूरी है।