झज्जर पुलिस सवालों में है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता के भाई को पुलिस ने मुठभेड़ में दबोच लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई फर्जी है। पिता बोले कि पुलिस ने पीठ पर बैठकर पांव में गोली मारी है। वहीं, डीसीपी ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है।
झज्जर के गैलेक्सी होटल के बाहर वीरवार रात झगड़े के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में जिस पंकज के पांव में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया है वह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत का सगा छोटा भाई है। डीघल निवासी पंकज के पिता व केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन आनंद सिंह ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कहा कि बेटे के पीठ पर बैठकर पुलिस ने उसके पांव में गोली मारी है। इसकी उच्चस्तरीय जांच हो। डीसीपी क्राइम ने आरोपों को गलत करार दिया है।
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रोहतक शुगर मिल के पूर्व निदेशक व गांव के सरपंच रहे आनंद सिंह ने पत्रकारों को बताया कि वीरवार रात पंकज की होटल में पुलिस कर्मियों के साथ कहासुनी हुई थी। पुलिस वाले सादी वर्दी में थे। बात बढ़ जाने पर पुलिस वालों ने पंकज की गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी।
पंकज ने उन्हें बदमाश मानकर अपनी सुरक्षा में लाइसेंसी हथियार से फायर किया। इसमें एक पुलिसकर्मी को गोली लग गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे घेर लिया और पकड़कर खेतों में ले गए। वहां पीठ पर चढ़कर उसके पैर में गोली मार दी।
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पंकज के पिता के मुताबिक, मेरे परिवार के पास 20 साल से लाइसेंसी हथियार है। पुलिस ने अवैध हथियारों की पूरी कहानी फर्जी गढ़ी है। परिवार में किसी के पास कोई केस नहीं है। पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर बेटे को गोली मारी है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि डीघल की पंचायत ने पुलिस कमिश्नर और डीसीपी क्राइम से मुलाकात की है। यहां के पुलिस अफसरों से न्याय नहीं मिला तो सरकार के आगे अपनी बात रखेंगे। पंकज के सगे बड़े भाई प्रदीप अहलावत भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हैं और भाभी एचसीएस अधिकारी। सियासी बखेड़ा खड़ा होने की आशंका से पुलिस अफसर सकते में हैं।
हमारे पास सीसीटीवी फुटेज : डीसीपी क्राइम
डीसीपी क्राइम अमित दहिया के मुताबिक, गैलेक्सी होटल में दो पक्षों में विवाद हुआ था। दूसरे पक्ष ने पुलिस को सूचना दी थी कि हथियार के साथ युवक उनको धमका रहा है। इसके बाद पुलिस पहुंची तो सुर्खपुर मोड़ के पास पंकज ने एएसआई प्रवीण पर गोली चला दी। उसके जांघ में गोली लगी है। पंकज के परिजनों के आरोप गलत हैं। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज है।
मुठभेड़ की पुलिसिया कहानी
पुलिस के मुताबिक, वीरवार देर रात बदमाशों से दो जगह मुठभेड़ हुई थी। पहली, सुर्खपुर मोड़ के पास हुई थी जबकि दूसरी मुठभेड़ अच्छेज पहाड़ीपुर के खेतों में। बकौल पुलिस, वीरवार रात पंकज सांपला रोड स्थित गैलेक्सी होटल में साथियों संग शराब पी रहा था। होटल के बाहर इनकी बिरधाना गांव के युवकों से कहासुनी हो गई। इन युवकों ने स्पेशल स्टॉफ को सूचना दे दी।
पुलिस ने सांपला बाईपास पर नाका लगाया हुआ था। कुछ देर बाद झज्जर की तरफ से गाड़ी आई जिसे रोकने का इशारा किया लेकिन चालक ने गाड़ी भगा ली। पुलिस ने पीछा किया। सुर्खपुर मोड के पास गाड़ी रोकने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने रोहतक की तरफ घुमा दी।
पुलिस ने आगे घेरकर रोका तो बदमाशों ने पुलिस पर गोली चलाई। इसमें एएसआई प्रवीन की जांघ में गोली लग गई। एएसआई को ऑस्कर अस्पताल में भर्ती कराकर घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई।
इसके बाद सीआईए की टीम ने आरोपियों की तलाश करते रात साढ़े 11 बजे अच्छेज पहाड़ीपुर से जहाजगढ़ के रास्ते पहुंची। यहां कार आती दिखाई दी। पुलिस ने डिपर मारकर रुकने का इशारा किया तो कार चालक ने पुलिस की बुलेरो में सीधी टक्कर मार दी।
कार से उतरे तीन युवकों में से ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे शख्स ने पिस्तौल से पुलिस की गाड़ी पर दो फायर किए और खेतों की तरफ भागने लगे। जवाब में पुलिस ने तीन फायर किए। कुछ दूरी पर खेतों में पंकज निवासी पाना डालान, डीघल को पकड़ लिया। उसके पैर में गोली लगी थी। फिर, कर्मियों ने नीतिश उर्फ काले निवासी बंबुलिया और रोहित निवासी पहाड़ीपुर को भी पकड़ लिया।
घायल पंकज को पहले सरकारी अस्पताल लाया गया जहां से पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। वहीं उसका इलाज चल रहा है। नीतिश और रोहित को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले की एक एफआईआर शहर थाने में दर्ज हुई है, दूसरी बेरी थाने में।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पंकज पर दिल्ली के आरके पुरम थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। रोहित पर भी एक केस दर्ज है। नीतिश पर पांच केस दर्ज हैं। इनमें मारपीट, हत्या का प्रयास आदि आरोप हैं।
पुलिस ने गैलेक्सी होटल के अलावा आसपास के होटल व अन्य दुकानों में लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस और खुफिया तंत्र ने शुक्रवार को सांपला रोड स्थित होटलों का दौरा कर जानकारी जुटाई।