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ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए बढ़ रही है ठगीः एसपी

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झज्जर। जिल पुलिस की ओर से ओएलएक्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाले फर्जीवाड़ा से सजग करते हुए आमजन को सावधान रहने का आह्वान किया गया है। पुलिस का आम लोगों को साइबर क्राइम से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा विशेष जागरूकता पाठशाला का अभियान लगातार जारी है।
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पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम ने बताया कि आमजन को साइबर अपराध, ठगी से बचाव के संबंध में सजग करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए जा रहे हैं। साइबर जागरूकता पाठशाला के तहत पुलिस की ओर से आम लोगों को साइबर ठगी के तौर तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचने व सावधान रहने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी ठगी करने की नियत से अलग-अलग तरह के तरीके अपनाते रहते हैं। साइबर अपराधी किसी व्यक्ति को झांसा देते हुए पैसा प्राप्त करने के लिए अलग-अलग तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं। साइबर अपराधी ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे, ओएलएक्स, क्विकर, फेसबुक इत्यादि का प्रयोग वस्तुओं का आकर्षक मूल्य रख फर्जी विज्ञापन के माध्यम से साइबर ठगी का कार्य करते हैं। जब भी कोई व्यक्ति इनकी खरीददारी के लिए उनसे संपर्क करता है तो वे पैकेजिंग चार्ज, रजिस्ट्रेशन चार्ज, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज, टैक्स इत्यादि के बहाने अग्रिम राशि की मांग करते हैं। व्यक्ति इसे वास्तविक विज्ञापन समझ अग्रिम पैसों की भुगतान कर देते हैं और साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। साइबर अपराधी कभी खुद ग्राहक बनकर वस्तुओं को इन ई-कॉमर्स वेबसाइट बेचने वाले से भी पैसा ठग लेते हैं। इस अपराध शैली में वे मालिक को अग्रिम राशि का भुगतान करने के लिए क्रेडिट लिंक, क्यूआर कोड भेजने के बजाय डेबिट लिंक, क्यूआर कोड भेजते हैं और इसे स्कैन या क्लिक करने के बाद पीड़ित के खाते से पैसे की निकासी हो जाती है। साइबर अपराधी वाहन, मोबाइल इत्यादि को बेचने के लिए ओएलएक्स, क्विकर, फेसबुक इत्यादि में विज्ञापन डालते हैं। विज्ञापन में प्रदर्शित वस्तुओं को खरीदने के बहाने लोग उनसे संपर्क करते हैं, जिससे वे लोगों के पहचान पत्र, कैंटीन कार्ड एवं अन्य दस्तावेज प्राप्त कर लेते हैं।
पुलिस ने दी हिदायत
- इन वेबसाइट के माध्यम से खरीददारी करते वक्त कभी भी किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान न करें। खरीददारी या बेचने से पूर्व सम्बंधित व्यक्ति से मिलकर वस्तु की जांच अवश्य करें। क्यूआर कोड या लिंक के माध्यम से किसी भी तरह के पैसों की प्राप्ति के लिए एम पिन या यूपीआई पिन की आवश्यकता नहीं होती है। हमेशा ध्यान रहे कि एम पिन या यूपीआई पिन की जरूरत सिर्फ पैसों के भुगतान के लिए होती है, न कि प्राप्ति के लिए।
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- फर्जी वेबसाइटों से सतर्क रहें और किसी भी कारण से संदिग्ध होने पर अनजान कॉल, संदेश, ईमेल आदि का जवाब ना दें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी सांझा न करें।
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