-फोटो 51 : टिकरी बॉर्डर पर तैनात पुलिस की गाड़ी। संवाद
बहादुरगढ़। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आज से बीएस-6 मानक से नीचे चलने वाले वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बहादुरगढ़ के करीब पांच हजार वाहन अब दिल्ली नहीं जा सकेंगे। वहीं, बीएस-4 मानक वाले करीब 10 हजार चालकों को 31 अक्तूबर 2026 तक राहत दी गई है। टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की टीमों ने बुधवार रात से ही चेकिंग शुरू कर दी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश के तहत अब बीएस-3 और उससे नीचे के सभी वाहन दिल्ली में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। ऐसे वाहन प्रदूषण के सबसे बड़े कारण माने जा रहे हैं। दिल्ली-हरियाणा के टिकरी बॉर्डर से हर दिन करीब एक लाख वाहन दोनों ओर से गुजरते हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या बहादुरगढ़ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले मालवाहक ट्रकों की होती है।
अब जांच के दौरान यदि कोई प्रतिबंधित वाहन पकड़ा गया तो उसे इंपाउंड (कब्जे में) किया जाएगा और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
सीएक्यूएम ने दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एनसीआर राज्यों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का सख्ती से पालन और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सभी एजेंसियों को हर तिमाही में अपने कार्यान्वयन की रिपोर्ट आयोग को भेजनी होगी।
टिकरी बॉर्डर पर धूल से बढ़ी परेशानी
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के प्रयास जारी हैं, लेकिन सीमाओं पर सफाई व्यवस्था खुद प्रदूषण का कारण बन रही है। टिकरी बॉर्डर पर जगह-जगह मिट्टी और कचरा जमा है, जिससे दिनभर धूल उड़ती रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे फैली मिट्टी से न सिर्फ वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है बल्कि लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है। पर्यावरण नियंत्रण के साथ-साथ सफाई और धूल नियंत्रण पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
-फोटो 51 : टिकरी बॉर्डर पर तैनात पुलिस की गाड़ी। संवाद