उपमंडल के गांव डाबौदा खुर्द में जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। गांव के जलघर के टैंक में कई दिनों से मृत मछलियां पड़ी हैं। हालात ये हैं कि टैंकों के आसपास बदबू के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। इसी जलघर से घरों में पेयजल सप्लाई होती है। बुधवार को ग्रामीण एकजुट होकर जलघर पहुंचे और कर्मचारियों से साफ पानी सप्लाई की मांग उठाई।
राजेंद्र मलिक, राजसिंह, मंजू, नरसिंह, बलवान, बुल्ला पंच, राजेश पंच, प्रदीप पंच, प्रवीन पंच आदि ने बताया कि डाबौदा गांव के जलघर के टैंक से रोजाना करीब 10 आबादी को पानी सप्लाई होता है। लेकिन जलघर में मृत पड़ी मछलियां से दूषित हुए पेयजल को सप्लाई कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कुछ मछलियों को टैंक से निकाल कर किनारे पर डाल दिया गया है तो बहुत सी टैंकों में ही पड़ी हैं। हालांकि पानी क्लोरिफाइड प्रक्रिया से गुजरने के बाद घरों में सप्लाई हो रहा है लेकिन पानी से दुर्गंध कम नहीं हो रही। ऐसा पानी पीने से लोगों में बीमारियों और संक्रमण फैलने का खतरा है। वहीं, डॉ. निशांत का कहना है कि मृत मछलियां के कारण पानी दूषित हो गया है। ऐसा पानी पीने से आंतों में सोजन, पीलिया, हैजा व टाइफायड होने का खतरा बना रहता है।
चांदमारी बीमारी से मरी मछलियां
कुछ मछलियां पानी के साथ आ जाती हैं और यहां टैंकों में पलने लगती हैं। तापमान कम होने के कारण चांदमारी हो जाती है जिससे ये मछलियां मरी होंगी। मछलियों को जल्द टैंकों के निकाल कर सुरक्षित स्थान पर दबाया जाएगा और आगे से मछलियां टैंकों में न आए इसके लिए प्रबंध किए जाएंगे।
-विवान कुमार, जेई जनस्वास्थ्य विभाग।
जलघर में मृत पड़ी मछलियां दिखाते ग्रामीण। - फोटो : Bahadurgarh