दिल्ली से चलकर यहां पहुंची दिल्ली-फिरोजपुर पैसेंजर रेलगाड़ी की एसएलआर बोगी में शनिवार सुबह लाश मिलने की आशंका से बहादुगरढ़ रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। यह आशंका रक्त से सनी एक गठरी को देखकर पैदा हुई।
इसकी वजह से यहां ट्रेन को एक घंटे तक रोका गया। लेकिन पुलिस ने एफएसएल टीम के इंतजार में गठरी को हाथ तक नहीं लगाया। बाद में रेलवे के अधिकारियों ने यहां से ट्रेन को रवाना कर दिया। जब रोहतक पहुंचकर गठरी खोली गई तो पता चला कि गठरी में मुर्गे का मांस था। जीआरपी व रेलवे अधिकारियों के बीच रही उलझन के कारण यात्री परेशान रहे।
शनिवार की सुबह एक पैसेंजर ट्रेन फिरोजपुर जाने के लिए दिल्ली से रवाना हुई। जब ट्रेन ने नांगलोई से बहादुरगढ़ के लिए प्रस्थान किया तो बोगी में बैठे कुछ व्यक्तियों ने खिड़की के पास रक्त से सनी गठरी देखी। ट्रेन के गार्ड को इस बारे में बताया गया, लेकिन दिल्ली क्षेत्र में गठरी की जांच नहीं की गई।
आठ बजकर 50 मिनट पर ट्रेन बहादुरगढ़ पहुंची तो गार्ड स्टेशन मास्टर के पास पहुंचा और रेलवे पुलिस थाना प्रभारी अमरनाथ को बताया। ट्रेन में गठरी में किसी इंसान का शव होने की आशंका पर हड़कंप मच गया।
पुलिस ने गार्ड को खरी-खरी सुनाई और दिल्ली क्षेत्र में ट्रेन को रोककर पुलिस अधिकारियों को अवगत न कराने पर फटकार लगाई। गार्ड, रेलवे अधिकारियों व जीआरपी के बीच काफी देर तक बहस हुई।
ट्रेन में बैठे यात्री उतरकर प्लेटफार्म व जीआरपी थाना पहुंच गए। यात्री बार-बार ट्रेन को रवाना करने की मांग करते रहे, लेकिन पुलिस अधिकारी एफएसएल टीम के आने तक गठरी को न छेड़ने की बात पर अड़े रहे।
एक घंटा बीत गया। जब लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा तो स्टेशन अधीक्षक ने कंट्रोल रूम नई दिल्ली को मामले से अवगत कराया। इसके बाद बिना गठरी उतारे ट्रेन को रोहतक के लिए रवाना कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने जीआरपी के एसपी अंबाला व डीएसपी फरीदाबाद को इस वाकये से अवगत करा दिया था।
बहादुरगढ़ स्टेशन अधीक्षक यशपाल सिंह ने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस को एफएसएल टीम आने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि गठरी को खोलकर देख लेना चाहिए था।
उलझन पर बेवजह ट्रेन एक घंटा प्लेटफार्म पर खड़ी रही। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। जीआरपी थाना रोहतक के प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि गठरी में इंसान का शव नहीं, बल्कि मुर्गे का मांस था, जिसे दबवा दिया गया।
गठरी की जांच के लिए एफएसएल टीम झज्जर को सूचना दे दी गई थी। टीम यहां के लिए चल भी पड़ी थी। रेलवे अधिकारियों को गठरी वाली बोगी को अलग करने के लिए कहा गया, मगर न तो बोगी अलग करने दी और न ही ट्रेन को एफएसएल टीम के आने तक रोके पाता। -अमरनाथ, एसएचओ, जीआरपी बहादुरगढ़