केएमपी एक्सप्रेस-वे को टोल-फ्री करवाने के लिए मांडोठी टोल प्लाजा पर इकट्ठे हुए किसान।
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बहादुरगढ़। कृषि कानूनों के विरोध में टीकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। बॉर्डर पर हुई सभा में किसान नेताओं ने आंदोलनकारी किसानों को संबोधित किया। उन्हें तीन कृषि कानूनों के नुकसान बताए और संगठित रहकर आंदोलनरत रहने का आह्वान किया। उधर, किसानों ने रविवार को फिर से केएमपी को टोल फ्री करवाने की कोशिश की। इस दौरान प्रशासन मुस्तैद रहा। इसके बाद किसानों ने प्रशासन को तीन के अंदर टोल फ्री कराने का अल्टीमेटम दिया।
बता दें कि किसानों की जिद पर करीब चार महीने तक टोल फ्री रहे केएमपी पर 14 अप्रैल को प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा में टोल वसूली आरंभ करवा दी थी। लेकिन भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के नेता गुरनाम सिंह चढूनी और अन्य नेताओं ने किसानों से फिर केएमपी को टोल फ्री करवाने का आह्वान किया। चढूनी के आह्वान पर शुक्रवार को आंदोलनकारी किसानों के पड़ाव में दलाल खाप से भंडारा स्थल पर किसानों ने पंचायत की। इस पंचायत में गांव मांडोठी समेत दलाल खाप से काफी किसानों ने भाग लिया। पंचायत में हुए फैसले के मुताबिक, रविवार को किसानों का समूह केएमपी को टोल फ्री करवाने के लिए मांडोठी डोल प्लाजा के पास पहुंच गया। इस समूह में दलाल खाप चौरासी के प्रधान भूप सिंह, दयानंद पूर्व चेयरमैन, कैप्टन दलाल छारा वाले, कपूर सिंह प्रधान, अतर सिंह शर्मा, जय किशन, महेंद्र सिंह, बल्लू प्रधान, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी व किसान सभा रोहतक के प्रधान प्रीत सिंह भी शामिल थे।
उधर, प्रशासन ने टोल प्लाजा पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। स्थानीय पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात की थी। एसडीएम हितेंद्र शर्मा व डीएसपी पवन शर्मा खुद स्थिति को संभाले हुए थे। किसानों ने केेएमपी को टोल फ्री करवाने की कोशिश की। लेकिन अधिकारी भी अड़े रहे। किसानों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को दोपहर 12 बजे केएमपी के मांडोठी टोल प्लाजा पर टोल वसूली बंद नहीं की गई तो वे केएमपी पर जाम लगा देंगे। अधिकारियों के समझाने पर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से बातचीत की और प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। इस अवसर पर मौजूद किसानों में सुमित, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जसवीर सिंह भट्टी, भारतीय किसान यूनियन के चिंटू प्रधान छारा, न्यूनतम समर्थन मूल्य संघर्ष समिति के प्रदीप धनखड़, किसान नेता विकल पचार, रणवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, रण सिंह, सतीश, आनंद और टीकरी धरना स्थल से अनेक किसान शामिल थे।