झज्जर। अप्रैल में हुई बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से जिले के किसानों की 55 हजार 411 एकड़ फसल का नुकसान हुआ है। जिससे किसानों को करीब 64 करोड़ की मार पड़ी है। गेहूं की फसल में सबसे अधिक 19191 एकड़ का नुकसान बहादुरगढ़ खंड में नुकसान हुआ है, जबकि बादली ब्लॉक में 3949 एकड़ भूमि में सबसे अधिक सरसों की फसल बर्बाद हुई है। जिला प्रशासन ने शासन को यह रिपोर्ट भेज दी है। किसानों के मुआवजे पर शासन से ही निर्णय होगा।
सबसे अधिक सरसों की खराब हुई है। बहादुरगढ़ खंड में गेहूं की फसल व बादली खंड में
में बोई गई गेहूं, सरसों व अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन की तरफ से फसलों में 63 करोड़, 76 लाख, 93 हजार रुपये का फसलों में किसानों को नुकसान दर्शाया गया है।
दरअसल अप्रैल में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं और सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ था। किसान मुआवजे की मांग कर रहे थे। शासन ने जनपदों में उपायुक्तों को फसलों के नुकसान के आंकलन के लिए विशेष गिरदावरी कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा था। प्रशासन ने राजस्व और कृषि विभाग की टीमों के माध्यम से नुकसान का सर्वे कराया। स्पेशल गिरदावरी के बाद 12 मई को यह रिपोर्ट उपायुक्त की तरफ से सरकार को भेजी गई है। इसमें सबसे अधिक गेहूं की फसल में नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार 44781.5 एकड गेहूं, 9954 एकड़ सरसों व 676 एकड़ भूमि में अन्य फसल खराब हुई है।
ब्लॉक् नुकसान का आंकड़ा
खंड का नाम गेहूं का रकबा सरसों का रकबा
बेरी 12165 एकड़ 000
झज्जर 2542.5 एकड़ 495 एकड़
मातनहेल 3969 एकड़ 2227 एकड़
साल्हावास 6604 एकड़ 2684 एकड़
बादली 310 एकड़ 3949 एकड़
बहादुरगढ़ 19191 एकड़ 1599 एकड़
फसलों को नुकसान की स्थिति
श्रेणी गेहूं का रकबा सरसों का रकबा
1 से 25 फीसदी 000 एकड़ 000 एकड़
25 से 33 फीसदी 5735 एकड़ 498 एकड़
33 से 50 फीसदी 16845 एकड़ 1824 एकड़
51 से 75 फीसदी 4712.5 एकड़ 862 एकड़
76 फीसदी से अधिक 17289 एकड़ 6770 एकड़
पांच श्रेणी में हुआ नुकसान का आंकलन
फसलों को हुए नुकसान को पांच भागों में विभाजित किया गया है। 1 से 25, 25 से 33, 34 से 50, 51 से 75 व 76 फीसदी से अधिक की श्रेणी बनाई गई हैं। फसलों को हुए नुकसान का आंकलन करने के बाद राजस्व विभाग की तरफ से रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजी गई और उसके बाद उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से सरकार को 12 मई को रिपोर्ट भेजी गई है। अब किसानों को हुए नुकसान की भरपाई किस प्रकार से की जाएगी। इसका निर्णय सरकार लेगी। सरकार के नियमानुसार जिन किसानों की फसलों को 25 फीसदी से कम नुकसान हुसा है उन किसानों को सरकार की ओर से मुआवजा नहीं मिलता। उससे अधिक नुकसान होता है तो उन किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाता है।
2.17 लाख एकड़ में बाेई थी गेहूं की फसल
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार झज्जर जिले में 2 लाख 17 हजार एकड़ भूमि में गेहूं व करीब 77 हजार एकड़ भूमि में सरसों की फसल बोई गई थी, लेकिन जब फसल पक का तैयार हुई तो अचानक मोस में परिवर्तन आ गया। बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की पकी हुई फसलों को नुकसान हुआ। संवाद
- वर्जन
किसानों की फसलों को हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी की रिपोर्ट फील्ड से आ चुकी है और जिले की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जा चुकी है। शासन के आदेशों के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- प्रमोद चहल, जिला राजस्व अधिकारी, झज्जर।